बंद नहीं होगी वोडाफोन आइडिया: टेलीकॉम कंपनी को जून तिमाही में 7,319 करोड़ का घाटा, मैनेजमेंट ने कहा- फंड जुटाने पर निवेशकों से बातचीत जारी

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मुंबई10 मिनट पहले

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फाइल फोटो

कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया (VI) की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 की जून तिमाही में कंपनी को 7,319 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जो पिछले साल की समान तिमाही में 25,460 करोड़ रुपए था। मार्च तिमाही में भी कंपनी को 7,000 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।

कंपनी की प्रति ग्राहक कमाई 104 रुपए रही

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक कंपनी की आय 9,152 करोड़ रुपए रही, जो कि साल भर पहले समान तिमाही में 10,659 करोड़ रुपए थी। कंपनी की प्रति ग्राहक कमाई (ARPU) 104 रुपए रही, जो कि मार्च तिमाही में 107 रुपए थी। जबकि लॉकडाउन के चलते इंटरनेट डाटा की डिमांड पिछली तिमाही से 13.2% ज्यादा रही।

फंड जुटाने पर संभावित निवेशकों के साथ बातचीत जारी
वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के MD और CEO रविंद्र ठक्कर ने बताया कि हम अपने ग्राहकों को आगे रखने के लिए अपनी रणनीति पर फोकस कर रहे हैं। साथ ही हम फंड जुटाने के लिए संभावित निवेशकों के साथ बातचीत भी कर रहे हैं। VI ने बताया कि 30 जून को समाप्त तिमाही तक कंपनी पर कुल कर्ज 1915.9 अरब रुपए रहा। जिसमें स्पेक्ट्रम पेमेंट की देनदारी 1060.1 अरब रुपए और AGR देनदारी 621.8 अरब रुपए भी शामिल है।

AGR मामले में SC में पुनर्विचार याचिका दाखिल की
वोडाफोन आइडिया ने एक्सचेंज को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में AGR मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। जिसमें कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट से उसके 23 जुलाई के आदेश पर पुर्नविचार करने की मांग की है। हालांकि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन आइडिया समेत अन्य टेलीकॉम कंपनियों की याचिका को खारिज कर दिया था। जिसमें AGR कैल्कुलेशन में सुधार की अपील की गई थी।

वोडाफोन आइडिया पर AGR बकाया
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) के मुताबिक वोडाफोन आइडिया पर AGR बकाए के रूप में 58,254 रुपए की देनदारी है। दूसरी ओर कंपनी का कहना है कि उसकी AGR देनदारी 621.8 अरब रुपए बकाया है।

बिड़ला ने अपनी हिस्सेदारी सरकार को सौंपने की पेशकश की थी
आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने 7 जून को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा को पत्र लिखा था। जिसमें वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VI) में अपनी हिस्सेदारी सरकार या किसी ऐसी इकाई को सौंपने की पेशकश की थी, जो कंपनी का परिचालन चालू रख सकती है। साथ ही उन्होंने कहा था कि सरकार की ओर से जुलाई तक इन 3 मुद्दों पर तत्काल सक्रिय सहयोग नहीं मिला तो कंपनी की वित्तीय हालत डूबने की कगार पर पहुंच जाएगी, जिसको संभालना मुश्किल होगा।

निवेश के लिए तरस रही कंपनी
ब्रिटिश फर्म वोडाफोन समूह के CEO निक रीड 23 जुलाई को ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अब वे भारतीय ज्वाइंट वेंचर (वोडाफोन आइडिया) में निवेश नहीं करेंगे। इससे पहले कुमार मंगलम बिड़ला वोडाफोन आइडिया के नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

कंपनी बंद हुई तो ग्राहकों का क्या होगा
वोडाफोन आइडिया के देश में करीब 28 करोड़ ग्राहक हैं। सवाल यह है कि अगर कंपनी हुई तो ग्राहकों का क्या होगा। ऐसे में अगर कंपनी कामकाज बंद करती है तो ग्राहकों को दूसरी टेलीकॉम कंपनियों में पोर्ट करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। नियमों के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों को कामकाज बंद करने से पहले ग्राहकों को कम से कम 30 दिन का नोटिस देना होता है। इस बारे में टेलीकॉम रेग्युलेटर ट्राई को 60 दिन पहले नोटिस देना होता है।

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