भारत का मोबाइल फोन निर्यात तिमाही में तीन गुना से अधिक बढ़ा

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इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने कहा कि घरेलू विनिर्माण में तेजी आने से मोबाइल फोन के निर्यात में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में अप्रैल-जून में 250 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में मोबाइल फोन का निर्यात 4,600 करोड़ रुपये था, जो 2020-21 में 1,300 करोड़ रुपये था।

निर्यात में साल-दर-साल भारी वृद्धि को कोविड -19 की पहली लहर और पिछले साल की इसी अवधि के दौरान राष्ट्रव्यापी तालाबंदी के प्रभाव के लिए भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। आईसीईए के अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू ने कहा, मोबाइल हैंडसेट निर्माण उद्योग अपने विकास की गति को जारी रखे हुए है और प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप दुनिया का नंबर एक मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन बनने के अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए अपनी ऐतिहासिक यात्रा जारी रख रहा है।

पीएलआई योजना का कमाल

कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर के बावजूद, विनिर्माण जारी रखने के लिए भारत सरकार की विवेकपूर्ण नीति और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना द्वारा समर्थित, उद्योग ने विनिर्माण और निर्यात में महत्वपूर्ण प्रगति की है।उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक सामानों के निर्यात में भी 2021-22 की पहली तिमाही में 100 प्रतिशत (YoY) की जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो 20,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया है।

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आईसीईए के अध्यक्ष ने कहा कि 2021-22 की पहली तिमाही के दौरान मोबाइल फोन के आयात में मामूली गिरावट के साथ 600 करोड़ रुपये की गिरावट आई है, जो कि 2020-21 में इसी अवधि के लिए 3,100 करोड़ रुपये थी। लैपटॉप और टैबलेट श्रेणी में आयात ने पहली तिमाही में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दिखाई है, जो 2020-21 में 6,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 में 10,000 करोड़ रुपये हो गई है।



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