राहत: खुदरा मुद्रास्फिति सितंबर में घटकर 5.30 प्रतिशत पर पहुंची 

0
26
Article Top Ad


खुदरा मुद्रास्फीति के ताजा आंकड़े राहत भरे हैं। सरकार की तरफ सोमवार को जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 5.30 प्रतिशत पर आ गई है। एक महीने पहले यह 5.59 प्रतिशत थी। यानी 0.30 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। जोकि लोगों के लिए अच्छी खबर है। 

Zero बैलेंस सेविंग अकाउंट पर SBI सहित ये बैंक दे रहे हैं इतना ब्याज 

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति अगस्त में 3.11 प्रतिशत रही जो कि जुलाई में 3.96 प्रतिशत थी। रिजर्व बैंक ने अगस्त में अपनी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों को यथावत रखा था। केंद्रीय बैंक अपनी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा पर निर्णय के लिए मुख्य रूप से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति पर गौर करता है।     

रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के 5.7 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया है। केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि दूसरी तिमाही में यह 5.9 प्रतिशत, तीसरी में 5.3 प्रतिशत और चौथी में 5.8 प्रतिशत रहेगी। वहीं, अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में खुदरा मुद्रास्फीति के 5.1 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया गया।

Gold Silver Price Today: सोने की कीमतों में गिरावट, जानें 14 से 24 कैरेट गोल्ड का लेटेस्ट रेट

मुद्रास्फीति क्या है?

एक निश्चित अवधि में मूल्यों की उपलब्ध मुद्रा के सापेक्ष वृद्धि मुद्रा स्फीति या महंगाई कहलाती है। मान लीजिये आज आप एक प्लेट छोले मसाला 100 रुपये में खरीदते हैं। सालाना मुद्रास्फीति अगर 10% मानकर चलें, यही छोले अगले साल आप 110 रुपये में खरीदेंगे। आपकी आमदनी अगर तुलनात्मक रूप से कम से कम इतनी भी नहीं बढ़ती है, आप इसे या इस प्रकार की अन्य वस्तुओं को खरीदने की स्थिति में नहीं होंगे।



Source