सरकार ने मानी किसानों की मांग, खत्‍म हुआ पंजाब में आंदोलन

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Photo:CAP AMRINDAR [email protected]

farmers end agitation as Punjab announces Rs 360 per qtl as cane prices

चंडीगढ़। गन्‍ना कीमत में बढ़ोतरी की मांग कर रहे किसानों ने मंगलवार को अपना आंदोलन खत्‍म करने की घोषणा की। किसानों ने यह घोषणा पंजाब के मुख्‍यमंत्री अमरिंदर सिंह द्वारा गन्‍ने की कीमत 360 रुपये प्रति क्विंटल करने का आश्‍वासन देने के बाद की है। किसान पिछले पांच दिनों से गन्‍ना कीमत में वृद्धि को लेकर आंदोलन कर रहे थे। आंदोलनकारी किसानों ने जालंधर में राष्‍ट्रीय राजमार्ग को रोकने के साथ ही लुधियाना-अमृतसर और लुधियाना-जम्‍मू रेल लाइन को पूरी तरह से बंद कर रखा था।  

पंजाब के जालंधर में किसानों द्वारा रेलमार्ग को बंद रखने से रेल अधिकारियों को ट्रेने रद्द करनी पड़ीं या उनका मार्ग बदलना पड़ा। फिरोजपुर संभाग के रेल अधिकारियों ने बताया कि ट्रेनें रद्द होने पर अबतक 12,300 यात्रियों को 53. 65 लाख रूपये का रिफंड दिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को 27 ट्रेनें रद्द की गईं, जबकि 22 का मार्ग बदला गया।

मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि किसानों के साथ बातचीत में गन्‍ने के लिए राज्‍य परामर्श मूल्‍य को 360 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला लिया गया। मेरी सरकार हमारे किसानों के कल्‍याण के लिए प्रतिबद्ध है। जय किसान, जय जवान। मुख्‍यमंत्री के साथ बैठक के बाद किसान नेता मंजीत सिंह राय ने कहा कि किसानों का लंबित भुगतान भी 15 दिनों में चुका दिया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि जालंधर में भी किसानों से आंदोलन खत्‍म करने के लिए कह दिया गया है।  

किसान गन्ना के राज्य परामर्श मूल्य में वृद्धि की मांग कर रहे थे। वे पहले ही पंजाब सरकार द्वारा घोषित प्रति क्विंटल पर 15 रुपये की वृद्धि ठुकरा चुके थे। राज्य सरकार ने गन्ने के वास्ते शुरुआती किस्म के लिए 325 रुपये, मध्यम के लिए 315 और देर से पकने वाली किस्म के लिए 310 रुपये की दरों की घोषणा की थी। किसानों ने कहा कि पड़ोसी राज्‍य हरियाणा में सरकार 358 रुपये प्रति क्विंटल दे रही है।

सुमाया इंडस्ट्रीज ने पेएग्री में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया

सुमाया इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मंगलवार को कहा कि उसने अपने कृषि कारोबार का विस्तार करने के लिए कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप पेएग्री इनोवेशंस में 51 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। हालांकि, कंपनी ने सौदे की कीमत का खुलासा नहीं किया। कपड़े का कारोबार करने वाली सुमाया इंडस्ट्रीज ने हाल ही में अपनी 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली अनुषंगी सुमाया एग्रो लिमिटेड के माध्यम से कृषि-जिंस व्यवसाय में प्रवेश किया है। एनएसई में सूचीबद्ध मुंबई की इस कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 406 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ और 4,263 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था।

सुमाया इंडस्ट्रीज ने एक बयान में कहा कि उसने अपनी अनुषंगी के माध्यम से पेएग्री इनोवेशंस प्राइवेट लिमिटेड में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। सुमाया इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक उषिक गाला ने कहा कि कंपनी अपनी नयी रणनीति के सफर पर निकली है और इस अधिग्रहण से उसे भारत में कृषि मूल्य श्रृंखला व्यापार में एक मजबूत जगह बनाने में मदद मिलेगी।

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