अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी CDC की स्टडी: वैक्सीन न लगवाने वाले लोगों में कोविड होने का खतरा 29 फीसदी तक ज्यादा, हॉस्पिटल में भर्ती होने का रिस्क भी 29.2 गुना अधिक

0
18
Article Top Ad


2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

अगर आपने अब तक वैक्सीन नहीं लगवाई है तो अलर्ट होने की जरूरत है। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी की हालिया स्टडी कहती है, वैक्सीन न लगवाने वाले लोगों में कोरोना होने का खतरा 29 फीसदी तक ज्यादा है। संक्रमण होने पर इनके हॉस्पिटल में भर्ती होने का रिस्क 29.2 गुना अधिक है।

रिसर्च के मुताबिक, संक्रमण और हॉस्पिटल में भर्ती होने के आंकड़े बताते हैं कि कोविड से बचने के लिए वैक्सीन की सुरक्षा कितनी ज्यादा जरूरी है। वर्तमान में फैल रहे डेल्टा वैरिएंट के दौर में वैक्सीन और भी ज्यादा जरूरी है।

सीडीसी ने लॉस एंजलिस और कैलिफोर्निया के 43,127 संक्रमित मरीजों पर स्टडी की। यह मरीज 1 मई से 25 जुलाई के बीच हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। रिसर्च कहती है, आमतौर पर कोरोना का संक्रमण होने के 14 दिन के अंदर मरीज हॉस्पिटल में भर्ती होते हैं।

जून में हॉस्पिटल में भर्ती होने वालों के मामले बढ़े
लॉस एंजलिस और कैलिफोर्निया के ऐसे लोगों के हॉस्पिटल में भर्ती होने के मामले बढ़े जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली थी। सीडीसी की डायरेक्टर डॉ. रोशेल वैलेंस्की कहती हैं, आंकड़े बताते हैं कि अगर वैक्सीन नहीं लगवाई तो आप भी उन लोगों की श्रेणी में आ सकते हैं जो संक्रमण के हाई रिस्क में हैं। कोविड के रिस्क और परिणामों को हल्के में न लें। इस महामारी से बचने के लिए वैक्सीन ही सबसे बेहतर उपाय है।

UK के इम्पीरियल कॉलेज ऑफ लंदन और मार्केट रिसर्च फर्म इप्सोस मोरी की स्टडी कहती है, जिन लोगों को वैक्सीन नहीं लगी है, उनकी तुलना में वैक्सीनेटेड लोगों में इन्फेक्ट होने का जोखिम 60% कम हो जाता है। इसमें एसिम्प्टोमेटिक इन्फेक्शन शामिल है।

वैक्सीन कितनी असरदार है, ऐसे समझें

  • वैक्सीन कितनी जरूरी है, इसका जवाब पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (PHE) का डेटा देता है। जिन्हें दोनों डोज लगे हैं, उन्हें हॉस्पिटलाइजेशन से बचाने में फाइजर की वैक्सीन 96% और एस्ट्राजेनेका (भारत में कोवीशील्ड) 92% इफेक्टिव साबित हुई है।
  • PHE का अनुमान है कि वैक्सीनेशन प्रोग्राम की वजह से इंग्लैंड में 2.2 करोड़ इन्फेक्शन रोकने में कामयाबी मिली है। यह भी कह सकते हैं कि वैक्सीन ने 52,600 हॉस्पिटलाइजेशन और 35,200 से 60 हजार मौतों को बचाया है।
  • 21 जून से 19 जुलाई के बीच का PHE हॉस्पिटलाइजेशन डेटा कहता है कि 1,788 लोगों को डेल्टा वैरिएंट से इन्फेक्शन के बाद हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। इनमें से 970 (54.3%) को वैक्सीन नहीं लगी थी। वहीं, 530 (29.6%) को वैक्सीन के दोनों डोज लगे थे।

खबरें और भी हैं…



Source