साइलेंट किलर को ऐसे करें कंट्रोल: ब्लड प्रेशर से देश में हर साल 16 लाख से ज्यादा मौतें, यह दिल, किडनी और ब्रेन के लिए खतरनाक; इसे 2-3-4 फॉर्मूले से करें कंट्रोल

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13 मिनट पहले

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देश में हर साल औसतन 16 लाख से ज्यादा मौतें ब्लड प्रेशर से होने वाली समस्याओं के कारण हो जाती हैं। ब्लड प्रेशर की समस्या लगातार बनी रहने के कारण मस्तिष्क, दिल और किडनी जैसे अंग बुरी तरह प्रभावित होते हैं।

तनाव, संक्रमण, कुछ दवाइयां और यहां तक कि पानी की कमी के कारण भी ब्लड प्रेशर गड़बड़ हो सकता है। चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में लोगों को इसका पता ही नहीं चलता और आगे चलकर यह गंभीर बीमारियों का कारण बन जाता है। इसीलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है।

लीलावती एंड रिलायंस हॉस्पिटल मुंबई, के कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजीत आर मेनन कहते हैं ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना बेहद जरूरी है क्योंकि यह कई बीमारियों को बढ़ावा देता है। इसे कंट्रोल करने के लिए 2-3-4 का यह फॉर्मूला कारगर साबित हो सकता है।

ब्लड प्रेशर क्या है, कौन से लक्षण हाई और लो-ब्लड प्रेशर का इशारा करते हैं और क्या है इसे कंट्रोल करने का 2-3-4 फॉर्मूला….जानिए इन सवालों के जवाब

ब्लड प्रेशर क्या है, यूं समझें
हृदय द्वारा ब्लड को पंप करने के दौरान रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाले दबाव को ही ब्लड प्रेशर कहते हैं। ब्लड प्रेशर का सामान्य स्तर 120/80 यानी ब्लड प्रेशर का ऊपरी नंबर 120 और निचला नंबर 80 होना चाहिए।

हाई ब्लड प्रेशर के बड़े लक्षण

  • अचानक धुंधला दिखना
  • उल्टी या जी मचलाना
  • भ्रम जैसा महसूस होना
  • सिर और सीने में दर्द
  • सांस लेने में तकलीफ

हाई ब्लड प्रेशर के बड़े लक्षण

  • बेहोशी
  • थकान
  • ध्यान न लगना
  • ठंडी और रूखी त्वचा
  • सांस की गति बदलना

यह है हाई और लो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने का 2-3-4 फॉर्मूला

2 योग: हाई ब्लड प्रेशर में सेतुबंधासन और लो में मत्स्यासन फायदेमंद

सेतुबंध आसन घुटने के पीछे पाई जाने वाली मांसपेशी (हैमस्ट्रिंग), पेट और आंतों पर प्रभाव डालता है। इससे ब्लड फ्लो सुधरता है। तनाव कम करने में मदद मिलती है। हाई ब्लड प्रेशर सुधरता है।

लो ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हैं तो मत्स्यासन करें। इसके लिए पद्मासन में बैठकर सांस लेते हुए पीठ को पीछे की तरफ ले जाएं, सिर को जमीन से टच करें। यह आसन पीठ और कंधों की मांसपेशियों में खिंचाव लाकर पूरे शरीर में ब्लड फ्लो को बेहतर करता है, जिससे लो ब्लड प्रेशर में सुधार होता है।

3 एक्सरसाइज : साइकिलिंग, रस्सीकूद और वॉक, ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में कारगर
अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के मुताबिक अगर सप्ताह में तीन से चार दिन 40 मिनट तक मध्यम से तेज गति में साइकिलिंग की जाए तो 10 पॉइंट तक ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है। ऐसे ही 30 मिनट तक रस्सीकूद भी ब्लड प्रेशर 8 से 10 पॉइंट तक कम कर सकती है। सप्ताह में पांच दिन 30 से 40 मिनट मध्यम गति के साथ वॉक किया जाए तो लो ब्लड प्रेशर को संतुलित किया जा सकता है।

सीडीसी के अनुसार सप्ताह में 5 दिन भी यदि 30 मिनट रोज के हिसाब से एक्सरसाइज की जाए तो 8 पॉइंट तक ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। इसके लिए वॉक, साइकिलिंग और रस्सीकूद भी कारगर हो सकते हैं।

4 फल: हाई और लो ब्लड प्रेशर दोनों को नियंत्रित करते हैं

  • चुकंदर: 250 ग्राम चुकंदर खाने से 7 पॉइंट तक बीपी घटा सकते है। इससे धमनियों को आराम मिलता है और वे खुलने लगती हैं। नतीजा ब्लड प्रेशर सामान्य होने लगता है।
  • अनानास: अनानास में पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। एक कप लगभग 240 मिली जूस में मात्र 1 मिली सोडियम और 195 मिली पोटेशियम होता है। पोटेशियम हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर को कम करता है।
  • मुलेठी की चाय: मुलेठी कार्टिसोल को तोड़ने वाले एंजाइम को नियंत्रित करती है। इसके साथ ही एड्रेनलीन के काम करने के तरीके को बैलेंस करती है।
  • गाजर: गाजर का जूस हार्ट और किडनी में ब्लड फ्लो बेहतर होता है जिससे लो ब्लड प्रेशर की समस्या घटती है।

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