अफगानिस्तान से भारत लौटे 40 से ज्यादा लोग क्वारंटाइन सेंटर भेजे गए, जानें क्यों हुआ यह फैसला?

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<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> तालिबान के अत्याचार से बचकर भारत आए सिख समुदाय के करीब 40 लोग &nbsp;T3 टर्मिनल से बीती रात करीब 12 बजे निकले. सीआरपीएफ ने मानव श्रृंखला बना कर इन सभी लोगों को बस में बैठाया जहां से अब इन्हें आईटीबीपी के क्वारंटीन सेंटर पर 14 दिनों के लिए भेज दिया गया.</p>
<p style="text-align: justify;">केंद्र सरकार ने मंगलवार को आदेश दिया था कि अफगानिस्तान से आने वाले लोगों को दिल्ली के पास आईटीबीपी के छावला कैंप में 14 दिनों के लिए अनिवार्य रूप से क्वारंटाइन में रहना होगा. दरअसल अफगानिस्तान से भारत आए 146 लोगों में से कम से कम दो लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी जिसके बाद केंद्र सरकार ने क्वारंटाइन रखने का फैसला लिया है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">सुबह करीब 9:30 बजे फ्लाइट आने के बाद , सभी का RTPCR टेस्ट किया गया था. जिसमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई लेकिन सुरक्षा कारणों के मद्देनजर, नियमानुसार उन्हे फिलहाल 14 दिनों का क्वारंटिन का समय पूरा करना अनिवार्य है. दो बसों में सभी लोगों को ले जाया गया.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">एयरपोर्ट पर परिजन सुबह से ही अपनों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. अपने लोगों को एयरपोर्ट से बाहर आता देख परिजन भावुक हो गए लेकिन भारत सरकार का शुक्रिया करते नहीं थक रहे. काबुल गुरुद्वारे से अपने साथ पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की तीन प्रतियां लेकर आज दिल्ली आए लोगों में कुलतार सिंह भी हैं जो कि प्रमुख सेवादार भी है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">उनके बेटे इल्जीत सिंह सुबह से पिता का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. पिता को देख भावुक इलजीत एबीपी न्यूज से खास बातचीत में कहते हैं कि 15 अगस्त के बाद से बहुत परेशान थे, हमसे बर्दास्त नहीं हो रहा था. अब उन्हें देख कर अच्छा लग रहा है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">6 महीने पूर्व अपने पति को खो चुकी बुजुर्ग महिला अपने परिजनों को देख फूट फूट कर रो पड़ी और बताया कि कितनी मुश्किलों से अपनी जान बचा कर भारत पहुंची हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">12 साल की मनदीप कौर के चेहरे की खुशी देखते ही बनती है "बहुत अच्छा लग रहा है इंडिया आकर". मनदीप के पिता बताते हैं कि कैसे एयरपोर्ट पर मौजूद भीड़ को चीरते हुए वो भारत पहुंचे "एयरपोर्ट से बहुत मुश्किल से निकले. वहां लड़ाई बहुत ज्यादा है, हमने इंडियन एंबेसी से मदद ली. भारतीय वायु सेना , प्रधानमंत्री का जितना शुक्रिया करें उतना कम है "</p>
<p style="text-align: justify;">तजमीत कौर सुबह से अपने पापा का इंतजार कर रही थीं वो कहते हैं कि " बहुत खुशी हो रही है पापा आ गए सुरक्षित. 15 अगस्त के बाद से बहुत कम बात हो पा रही थी. " &nbsp;अफगानिस्तान से लोगों को निकालने का अभियान जारी है.भारत ने मिशन को &nbsp;&lsquo;ऑपरेशन देवी शक्ति’ नाम दिया है.</p>



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