ओलंपिक में डेब्यू करना सपना सच होने जैसा था : उदिता

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Image Source : GETTY
Udita

महिला हॉकी टीम की युवा डिफेंडर उदिता ने बुधवार को कहा कि टोक्यो ओलंपिक खेलों में शुरूआती मैचों में तीन हार का सामना करने के बाद भारत की वापसी का सबसे बड़ा कारण वर्तमान समय में रहना था।

उदिता ने कहा, ”मुझे लगता है कि वर्तमान समय में रहना सबसे बड़ा कारण था कि हम शुरूआती मैचों में तीन हार का सामना करने के बाद भी वापसी कर सके।”

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उदिता ने कहा, ”इससे हमें ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराने में और टोक्यो में इतिहास रचने में भी मदद मिली। हमने परिणामों के बारे में सोचना बंद कर दिया और चीजों को सरल रखा, जिससे हमें अपना स्वाभाविक खेल खेलने में मदद मिली।”

ओलंपिक के अनुभव के बारे में बोलते हुए 23 वर्षीय डिफेंडर ने कहा, ”मैंने हमेशा ओलंपिक में शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने का सपना देखा था। नीदरलैंड के खिलाफ ओलंपिक में डेब्यू करना सपना सच होने जैसा था। डच टीम के खिलाफ पहला मैच खेलना एक विशेष एहसास था। हालांकि हम वह मैच हार गए थे, पर हमने हिम्मत नहीं हारी और इतिहास रच दिया। मैं इसका हिस्सा बनकर बहुत भाग्यशाली महसूस करती हूं।”

टोक्यो से अपने अनुभव के बारे में, उदिता ने कहा, ”एक युवा के रूप में हमने इस ऐतिहासिक अभियान से बहुत कुछ सीखा है। हमें यह सीखने को मिला कि बड़े से बड़े मैचों में दबाव से कैसे निपटा जाए और हमने यह भी सीखा कि वर्तमान में कैसे रहना है।”

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हिसार में जन्मी उदिता बेंगलुरु में राष्ट्रीय कोचिंग शिविर के लिए 25 सदस्यीय सीनियर महिला कोर संभावित समूह का हिस्सा है। उसने कहा कि टीम शिविर में वापस आने के लिए बहुत उत्साहित है और नए सत्र की शुरूआत का इंतजार नहीं कर सकती।

उदिता ने कहा, ”हम शिविर में वापस आने के लिए बहुत उत्साहित हैं, और अपना नया सत्र शुरू करने के लिए इंतजार नहीं कर सकते। हमारा पहला लक्ष्य फिटनेस पर काम करना होगा क्योंकि हमने टोक्यो से वापस आने के बाद से कुछ नहीं किया है। हम अपने ओलंपिक प्रदर्शन को विस्तार से विश्लेषण करेंगे और उसी के अनुसार काम करेंगे।”

उदिता ने कहा, ”हमारे सामने एक महत्वपूर्ण वर्ष है, सभी महत्वपूर्ण एशियाई खेलों के साथ, हमारा लक्ष्य वहां स्वर्ण पदक जीतना और सीधे पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना होगा।”





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