अफगानिस्तान में विद्रोह का बिगुल: अंदराब में तालिबान और विद्रोही गुट में भीषण लड़ाई; 50 तालिबानी ढेर, 20 से अधिक को बंधक बनाया

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काबुल4 घंटे पहले

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अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे से बचे एकमात्र पंजशीर में लड़ाई खतरनाक मोड़ पर जाती दिख रही है। पंजशीर घाटी अफगानिस्तान के उन चंद इलाकों में है, जहां अभी तालिबान का कब्जा नहीं हुआ है। पंजशीर से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि अंदराब में हुई लड़ाई में 50 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 20 से अधिक लड़ाकों को बंधक बनाया गया है।

तालिबान का क्षेत्रीय कमांडर भी तीन साथियों के साथ ढेर
इस लड़ाई में तालिबान के क्षेत्रीय कमांडर के मारे जाने का दावा भी किया गया है। वहीं पंजशीर समर्थक एक लड़ाके की मौत हुई है और 6 घायल हुए हैं। हालांकि तालिबान से जुड़े सूत्रों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। लेकिन एक तालिबान लड़ाके ने भास्कर से कहा है, ‘पंजशीर को माफ नहीं किया जाएगा।’ रविवार रात तालिबान से जुड़े एक सूत्र ने दावा किया था कि बानू पर फिर से तालिबान का नियंत्रण हो गया है।

पंजशीर पर तालिबान का कब्जा नहीं
पंजशीर घाटी अफगानिस्तान के उन चंद इलाकों में है, जहां अभी तालिबान का कब्जा नहीं हुआ है। यहां विद्रोहियों की अगुआई कर रहे अहमद मसूद के लड़ाके जंग के लिए तैयार हैं। नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट यानी नॉर्दर्न अलायंस को लीड कर रहे मसूद ने कहा कि युद्ध की तैयारी है, पर अगर रास्ता निकालने के लिए बातचीत होती है तो उसके लिए भी तैयार हैं।

तस्वीर पंजशीर की है, जहां तालिबान विरोधी लड़ाकों को ट्रेनिंग दी जा रही है।

तस्वीर पंजशीर की है, जहां तालिबान विरोधी लड़ाकों को ट्रेनिंग दी जा रही है।

तालिबान का दावा-पंजशीर को तीन तरफ से घेरा
तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद ने पंजशीर घाटी को तीन तरफ से घेरे जाने की जानकारी दी और ट्विटर पर लिखा, ‘अमीरात मामले को शांति के साथ सुलझाना चाहता है।’ तालिबान के खिलाफ यहां नॉर्दर्न अलायंस, अफगानी सेना और अन्य कुछ विद्रोही लड़ाकों ने मोर्चा संभाल रखा है।

पंजशीर पर कब्जा जमाने की तैयारी कर रहे तालिबान को अमरुल्लाह सालेह और अहमद मसूद की ओर से कड़ी टक्कर मिल रही है। सालेह अफगानिस्तान के उप राष्ट्रपति थे, लेकिन अशरफ गनी के देश छोड़ने के बाद उन्होंने खुद को राष्ट्रपति घोषित कर दिया। साथ ही वे पंजशीर चले गए और यहां अहमद मसूद से हाथ मिला लिया।

300 लड़ाकों के मारे जाने की खबर तालिबान ने खारिज की
भास्कर को सूत्रों ने पहले बताया कि पंजशीर के लड़ाकों ने तालिबान पर रास्ते में घात लगाकर हमला किया था और इस हमले में तालिबान के 300 लड़ाकों को मार दिया गया है। हालांकि तालिबान ने लड़ाकों के मारे जाने की खबर को खारिज कर दिया है। तालिबान ने कहा कि पंजशीर के 2 जिलों पर अब उसका कब्जा है।

तालिबान से खुद को असुरक्षित महसूस करने वाले हजारों लोग पंजशीर की ओर पलायान कर रहे हैं। वे यहां नॉदर्न अलायंस के साथ तालिबान के खिलाफ बंदूक उठा चुके हैं।

तालिबान से खुद को असुरक्षित महसूस करने वाले हजारों लोग पंजशीर की ओर पलायान कर रहे हैं। वे यहां नॉदर्न अलायंस के साथ तालिबान के खिलाफ बंदूक उठा चुके हैं।

पंजशीर में तालिबानियों से टक्कर लेने के लिए 9 हजार की फौज
अहमद मसूद ने पंजशीर में विद्रोही नेताओं को साथ मिला लिया है। अफगानी फौजों और तालिबान विद्रोहियों को भी इकट्ठा किया है। रेजिस्टेंस फ्रंट के प्रवक्ता अली मैसम नजारी ने न्यूज एजेंसी AFP को बताया कि तालिबानियों के खिलाफ करीब 9 हजार लड़ाकों की फौज तैयार कर ली गई है। इस फौज को लगातार ट्रेनिंग दी जा रही है। हमारे पास गाड़ियां और हथियार भी हैं। नजारी ने कहा कि हम सरकार चलाने के लिए नई व्यवस्था चाहते हैं और इसके लिए बातचीत को भी तैयार हैं, पर जरूरत पड़ी तो हम जंग करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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