काबुल में कयामत की 15 तस्वीरें: फिदायीन हमले के बाद दीवारें खून से सनीं; जमीन मौत के सबूतों से पट गई, सड़क से लेकर अस्पताल तक सिर्फ चीख-पुकार

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काबुलएक घंटा पहले

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अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के 13वें दिन यानी गुरुवार को पहली बार फिदायीन हमले हुए। इनमें 13 अमेरिकी सैनिकों समेत 169 लोगों की मौत हो गई। 1277 लोग जख्मी हैं। मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है, क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर है। एयरपोर्ट से 16 घंटे बाद शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे फ्लाइट ऑपरेशन्स फिर शुरू हो गए। एक बार फिर यहां लोगों का हुजूम नजर आता है।

गुरुवार की घटना के बाद यहां मातम पसरा है। जहां विस्फोट हुए, वहां की दीवारें खून से सनी हुईं थीं। जहां लोगों के खड़े होने की जगह नहीं थी, वहां कपड़ों के चीथड़े, लोगों के सामान और जूते-चप्पल बिखरे पड़े थे। सड़क से लेकर अस्पतालों तक लोग अपनों को ढूंढ़ रहे थे। हर जगह चीख और पुकार सुनाई दे रही थी। कयामत के बाद का मंजर 15 तस्वीरों में देखें…

गुरुवार को इसी नाले के किनारे धमाके हुए थे। अब यहां गार्ड मौजूद हैं।

गुरुवार को इसी नाले के किनारे धमाके हुए थे। अब यहां गार्ड मौजूद हैं।

काबुल एयरपोर्ट से लगी दीवारों पर खून के छीटे साफ देखे जा सकते हैं।

काबुल एयरपोर्ट से लगी दीवारों पर खून के छीटे साफ देखे जा सकते हैं।

एयरपोर्ट के बाहर जहां लोगों की भीड़ थी, वहां कपड़े और जूते-चप्पल दिख रहे हैं।

एयरपोर्ट के बाहर जहां लोगों की भीड़ थी, वहां कपड़े और जूते-चप्पल दिख रहे हैं।

देश छोड़कर जाने की कोशिश कर रहे लोगों के बैग और पानी की बोतलें भी खून से सन गईं।

देश छोड़कर जाने की कोशिश कर रहे लोगों के बैग और पानी की बोतलें भी खून से सन गईं।

ब्लास्ट के बाद अफरा-तफरी में लोग जिस हालत में थे जान बचाकर भागे।

ब्लास्ट के बाद अफरा-तफरी में लोग जिस हालत में थे जान बचाकर भागे।

दीवारों पर लगे कंटीले तार में लोगों के कपड़े फंसे थे। ऐसा लग रहा है ब्लास्ट के बाद लोग जान बचाने के लिए इन तार को भी फांदकर भागने की कोशिश कर रहे थे।

दीवारों पर लगे कंटीले तार में लोगों के कपड़े फंसे थे। ऐसा लग रहा है ब्लास्ट के बाद लोग जान बचाने के लिए इन तार को भी फांदकर भागने की कोशिश कर रहे थे।

ब्लास्ट में अपनों को खोने के बाद परिजन को शव बैग में भरकर दिया गया।

ब्लास्ट में अपनों को खोने के बाद परिजन को शव बैग में भरकर दिया गया।

धमाके में कई बच्चों ने अपने मां-बाप को खो दिया। काबुल के अस्पताल से अपने पिता का शव ले जाता एक बच्चा।

धमाके में कई बच्चों ने अपने मां-बाप को खो दिया। काबुल के अस्पताल से अपने पिता का शव ले जाता एक बच्चा।

अस्पताल के बाहर शवों को बैग में भरकर रखा गया है। यहां परिजन आकर उनकी पहचान कर रहे हैं।

अस्पताल के बाहर शवों को बैग में भरकर रखा गया है। यहां परिजन आकर उनकी पहचान कर रहे हैं।

शहर में हथियारबंद तालिबान लड़ाके व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं।

शहर में हथियारबंद तालिबान लड़ाके व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं।

ब्लास्ट के दूसरे दिन नाले में जहां शव थे, वहां एक बार फिर भीड़ जुट गई। लोग अपने पासपोर्ट-वीजा वैरिफाई करवाकर किसी भी तरह देश छोड़कर जाना चाहते हैं।

ब्लास्ट के दूसरे दिन नाले में जहां शव थे, वहां एक बार फिर भीड़ जुट गई। लोग अपने पासपोर्ट-वीजा वैरिफाई करवाकर किसी भी तरह देश छोड़कर जाना चाहते हैं।

ये एयरपोर्ट से लगा वही नाला है, जिसमें लाशें बिछी थीं, आज फिर यहां लोगों का हुजूम था।

ये एयरपोर्ट से लगा वही नाला है, जिसमें लाशें बिछी थीं, आज फिर यहां लोगों का हुजूम था।

अस्पताल घायलों से पटा पड़ा है। परिजन अपनों के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं।

अस्पताल घायलों से पटा पड़ा है। परिजन अपनों के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं।

ब्लास्ट में कई लोगों ने हाथ-पैर भी गंवा दिए। एक अस्पताल में इलाज करते डॉक्टर।

ब्लास्ट में कई लोगों ने हाथ-पैर भी गंवा दिए। एक अस्पताल में इलाज करते डॉक्टर।

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