अर्थव्यवस्था को वैक्सीन से मिलेगी ग्रोथ की डोज, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं- टीका ही एकमात्र उपाय

0
39
Article Top Ad


केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को तमिलनाडु मकेर्ंटाइल बैंक (टीएमबी) के शताब्दी वर्ष समारोह में बोलते हुए कहा अर्थव्यवस्था को बूस्ट करना है तो वैक्सीन एक मात्र दवा है। उन्होंने कहा, ‘देश में वैक्सीन प्रोग्राम बहुत ही सरल और सहज तरीके से चल रहा है। अभी तक 73 करोड़ लोग बिना किसी शुल्क के वैक्सीन की डोज ले चुके हैं। आज के समय में वैक्सीन प्रोग्राम की वजह से लोग अपना बिजनेस, व्यापार चला पा रहे हैं जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। हमारे किसान इसके खेती-किसानी कर रहे हैं। इसलिए वैक्सीन एक मात्र दवा है वायरस से लड़ने के लिए और इकोनाॅमी को बूस्ट करने के लिए।’ 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि बैंकिंग क्षेत्र के लिए डिजिटलीकरण प्रगति की राह है और प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग कारोबार को बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में बिना शाखा खोले भी डिजिटलीकरण के माध्यम से वहां के लोगों को बैंकिंग सेवाओं की पेशकश कर सकते हैं। इसलिए, किसी भी बैंक टीएमबी के लिए डिजिटलीकरण की भविष्य और प्रगति की राह है। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण को कोई भी बैंक नकार नहीं सकता है और टीएमबी को भी अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी को अपनाना चाहिए।

EPFO News Alert: नौकरी पेशा लोगों को राहत, UAN को आधार से लिंक करने की तारीख आगे बढ़ाई गई; जानें किसे होगा फायदा 
        
वित्त मंत्री ने कहा कि टीएमबी के पास 41 हजार करोड़ रुपये जमा हैं और उसने 32 हजार करोड़ रुपये ऋण दिये हैं। यानी कि बैंक ने अपनी अधिकांश राशि का अलग-अलग कई कारोबार में इस्तेमाल किया है। यदि टीएमबी प्रौद्योगिकी आधारित समाधान को अपनाये तो इस काम को और कुशलता से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण अपनाने से बैंकों का तेजी से विकास होगा और प्रौद्योगिकी के अधिक से अधिक इस्तेमाल से बैंक और उसके ग्राहकों के लिए कारोबार करना और आसान हो जाएगा।
        
इस मौके पर टीएमबी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी थीरू के. वी. रामामूर्ति ने बताया,“टीएमबी ने पिछले 99 वर्षों से हमेशा सभी हितधारकों के लिए मूल्यवर्धन किया है। बैंक समय की कसौटी पर खरा उतरा है और स्वतंत्रता, आपातकाल, अर्थव्यवस्था के उदारीकरण और हाल ही में कोविड-19 महामारी जैसी विपरीत परिस्थितियों का साक्षी रहा है। कोविड-19 के प्रतिकूल प्रभाव से उबरने में उधारकतार्ओं की मदद करने के लिए, बैंक ने अबतक 1567.62 करोड़ रुपये के जोखिम वाले 13753 लाभार्थियों को कवर किया है। रामामूर्ति ने कहा, “डिजिटल बैंकिंग के युग में हम ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करने के लिए करेंसी चेस्ट में रोबोटिक्स की शुरुआत करने वाले पहले बैंक रहे हैं। हमारे शताब्दी समारोहों के अंतर्गत, हम कई पहलें शुरू कर रहे हैं, जिसमें विशेष डाक टिकट और डाक कार्ड जारी करना भी शामिल है।

संबंधित खबरें



Source