Film Review: दो मजबूत औरतों और मां-बेटी के रिश्तों की कहानी है ‘लेडी बर्ड’

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लेडी बर्ड फिल्म में रोनन

यह फिल्म जिंदगी, प्यार और अपना रास्ता तलाशने की कहानी है. इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इनकी सरल की कहानी है.

विवेक शाह: यह कहानी 2002 में बसी हुई है जब एक 17 साल की लड़की बदलते समय के साथ बदल रही है. किसी भी फिल्ममेकर के लिए ऐसी फिल्में बनाना बहुत मुश्किल होता है, जहां समय के साथ किरदारों के बदलने की कहानी कहनी होती है. वैसे तो ऐसे बहुत से निर्देशक है जो ये कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ कमाल के लोग गाहे-बगाहे ही निकलकर आते हैं. मल्टीटैलेंटेड ग्रेटा गर्विग ऐसी ही एक डायरेक्टर हैं. एक डेब्यू डायरेक्टर से जो उम्मीदें की जाती हैं, ग्रेटा ने उससे भी आगे की फिल्म बनाकर दिखाई है. इस फिल्म को ऑस्कर अवार्ड्स की 5 कैटेगरीज में नॉमिनेट किया गया है. इसमें सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ स्क्रीनप्ले शामिल हैं. यह फिल्म जिंदगी, प्यार और अपना रास्ता तलाशने की कहानी है. इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत ये है कि इसे बेहद सरलता से कहा गया है. कहानी ऐसी है जिससे हर अमेरिकी टीनेजर खुद को जोड़ सकता है. यह फिल्म एक मां-बेटी के रिश्तों को बयान करती है जो बहुत गहरे हैं, असल हैं और शायद इसीलिए कभी-कभी बहुत तकलीफदेय भी हैं.
दो औरतों की कहानी जो उम्र में बढ़ रही हैं. एक ऐसी है जो अपनी उम्र को बहुत हद तक जी चुकी है और दूसरी ने अभी-अभी अपने पंख पसारे हैं. इन दोनों की ही शख्सियत इतनी मजबूत है कि कई बार इनकी सोच आपस में टकराती रहती है. लेकिन फिर भी इनका प्यार कभी कम नहीं होता.गर्विग के निर्देशन और फिल्म की स्क्रिप्ट के अलावा यह फिल्म रोनन (लेडी बर्ड) और मेटकाफ (मां) की एक्टिंग के लिए जरूर देखी जानी चाहिए. इस फिल्म में गर्विग ने मां-बेटी के नफरत और प्यार भरे रिश्ते को बखूबी उकेरा है. इस फिल्म की कहानी साफ़ कहती है कि ‘अगर आप किसी से प्यार करते हैं तो जरूरी नहीं कि आप उसे पसंद भी करें’. कुल मिलाकर एक डेब्यू डायरेक्टर की यह फिल्म बहुत इम्प्रेस करती है और इसमें सरलता और हकीकत के साथ गजब एक्टिंग के साथ 90 मिनट की यह फिल्म परफेक्ट होने के बहुत करीब है. एक्टिंग, तकनीकी पक्ष: फिल्म में एक्टिंग पहले दर्जे की है. रोनन इस फिल्म में लेडी बर्ड के रूप में शांत और भावनात्मक परफॉरमेंस दे रही हैं. उनका किरदार एनर्जी और प्यार से भरा हुआ है. लौरी मेटकाफ एक परफेक्ट मां हैं. दोनों ही एक्ट्रेसेज ने अपने किरदारों को बखूबी परदे पर उतारा है. फिल्म के लेखक और निर्देशक ने बेहतरीन काम किया है. कुल मिलाकर संगीत, इमेज और धुनें इस फिल्म को एक दिलचस्प फिल्म बनाती हैं. ग्रेटा ने अपनी पहली ही फिल्म में दिखा दिया कि वो आने वाले समय में क्या कमाल दिखा सकती हैं. लेडी बर्ड के किरदार की खूबसूरती, मजबूती और धार दिखाती है कि वो अपनी जिंदगी में आजादी चाहती है. कुल मिलाकर ऑस्कर में नॉमिनेट हुई यह फिल्म सभी को देखनी चाहिए, खासकर अपने परिवार के साथ.   ये भी पढ़ें: अपनी छवि यहां छोड़ गई हैं श्रीदेवी, जल्द बड़े परदे पर होगा डेब्यू

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
स्क्रिनप्ल :
डायरेक्शन :
संगीत :









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