बीमारी से पहले हो जाएं अलर्ट: ​​​​​​​ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण 10 साल पहले ही दिखने लगते हैं, याद्दाश्त घटना और रोजमर्रा के कामों को करने क्षमता कम होती है तो अलर्ट हो जाएं

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11 घंटे पहले

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  • नीदरलैंड्स के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में किया दावा
  • कहा, ऐसे लक्षण को समझकर बीमारी का खतरा घटा सकते हैं

ब्रेन स्ट्रोक का खतरा घटाना चाहते हैं तो उसके लक्षणों पर नजर रखें। नई रिसर्च कहती है, ब्रेन स्ट्रोक होने से 10 साल पहले ही इसके लक्षण दिखने लगते हैं। जैसे, याद्दाश्त कम होने लगती है और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता घटने लगती है। यह दावा नीदरलैंड्स की एरेसमस यूनिवर्सिटी वैज्ञानिकों ने 28 साल तक चली रिसर्च के बाद किया है। वैज्ञानिकों का कहना है, ऐसे लक्षण दिखते हैं तो लाइफस्टाइल में बदलाव करके, दवाएं लेकर और खानपान में सुधार करके स्ट्रोक का खतरा घटा सकते हैं।

ऐसे हुई रिसर्च
वैज्ञानिकों का कहना है, रिसर्च में 14,712 लोग शामिल किए गए। 28 साल तक इन पर नजर रखी गई। इनका फिजिकल और मेंटल टेस्ट लिया गया। जिसमें मेमोरी टेस्ट भी शामिल था। इसके अलावा इनके रोजमर्रा के काम जैसे बैंकिंग, कपड़े धोना, खाना बनाने के तरीके की एनालिसिस भी की गई।

इन 28 सालों में जिन 1,662 लोगों को पहली बार ब्रेन स्ट्रोक हुआ उनकी औसत उम्र 80 साल थी। रिसर्च में सामने आया जो महिलाएं कम पढ़ी लिखी थीं और जिनमें एल्जाइमर्स से जुड़ा जीन्स था, उनमें स्ट्रोक का खतरा अधिक था। जिन्हें स्ट्रोक हुआ उनमें 60 फीसदी महिलाएं थी।

शोधकर्ता डॉ. एलिस हेशमतउल्ला कहती हैं, रोजमर्रा के काम करने की क्षमता और दिमागी सेहत में गिरावट भविष्य में स्ट्रोक होने का इशारा करते हैं। इसके अलावा दिमागी नसों की बीमारी, मेंटल डिसऑर्डर और सूजन रहती है तो भी अलर्ट रहने की जरूरत है। ये स्ट्रोक का खतरा बढ़ाते हैं।

क्या होता है ब्रेन स्ट्रोक

ब्रेन स्ट्रोक के मामले तब सामने आते हैं जब ब्रेन तक रक्त पहुंचाने वाली धमनी डैमेज हो जाती है। या फिर इसमें ब्लॉकेज होने के कारण ब्रेन तक ब्लड नहीं पहुंच पाता। ऐसा होने पर ब्रेन तक ब्लड और ऑक्सीजन नहीं पहुंचता।

अमेरिका की सबसे बड़ी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी के मुताबिक, ऑक्सीजन न पहुंचने पर ब्रेन की कोशिकाएं मिनटों में खत्म होने लगती हैं और इस तरह मरीज ब्रेन स्ट्रोक से जूझता है।

ये 5 बातें स्ट्रोक का खतरा कम करेंगी

  • बीपी कंट्रोल में रखें: अगर आपके फैमिली मेम्बर्स स्ट्रोक से परेशान हो चुके हैं तो अलर्ट होने की जरूरत है। ऐसे मामले आप में और अगली पीढ़ी में दिख सकते हैं। खासतौर पर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें।
  • बुजुर्गों में मामले ज्यादा: एक रिसर्च कहती है, स्ट्रोक के मामले बुजुर्गों में सबसे ज्यादा सामने आते हैं। ऐसे में अपने खानपान पर ध्यान रखें। अधिक तेल और मसाले वाले खाने से दूरी बनाएं।
  • ये बीमारियां बढ़ाती हैं खतरा: हाई कॉलेस्ट्रॉल, हार्ट डिजीज और डायबिटीज के मरीजों में स्ट्रोक की आशंका ज्यादा रहती है। इसलिए ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखें। मोटापा न बढ़ने दें।
  • ऐसा होना चाहिए खानपान: खानपान में सब्जियां और कम मीठे फलों को शामिल करें। रिसर्च में साबित हो चुका है, सब्जियां और फल सिर्फ स्ट्रोक ही नहीं हार्ट डिजीज का खतरा भी कम करते हैं।
  • तम्बाकू और शराब से दूरी: तम्बाकू या इससे बने उत्पाद जैसे सिगरेट से दूरी बनाएं। तम्बाकू का असर सिर्फ ब्रेन स्ट्रोक ही नहीं, हार्ट, फेफड़े और पेंन्क्रियाज तक होता है। यह कैंसर की वजह भी बनता है। इसके साथ ही शराब से भी तौबा करें।

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