मछलियों के लिए बनी अनोखी कार: पानी में तैरने वाली गोल्ड फिश ने सड़क पर चलाई कार, इजराइली वैज्ञानिकों का अद्भुत करिश्मा

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17 मिनट पहले

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इजरायल की बेन-गुरियॉन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी अनोखी कार बनाई है, जिसे पानी में तैरने वाली मछलियां जमीन पर चला सकती हैं। दरअसल, इस कार के जरिए वैज्ञानिक ये साबित करना चाहते थे कि मछलियां विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी दिशा नहीं भूलतीं। वे किसी भी स्थिति में अपने टारगेट को पहचान लेती हैं। इस प्रयोग में गोल्ड फिश ने सड़क पर कार चलाई और सफलता के साथ अपने टारगेट तक पहुंचीं।

इससे पहले 2014 में नीदरलैंड्स के वैज्ञानिकों ने भी मछलियों के लिए कार बनाई थी। हालांकि, ये प्रोजेक्ट कंप्यूटर की संभावनाओं को प्रदर्शित करने के लिए डिजाइन किया गया था।

ऐसे डेवलप की गई मछलियों के लिए कार

वैज्ञानिकों ने एक खास तरह की रोबोटिक कार बनाई। इस कार पर एक पानी का टैंक फिट किया गया जिसमें गोल्ड फिश रखी गई। मछली के मुंह की दिशा समझने के लिए एक कंप्यूटर संचालित डिवाइस लगाया गया। इस डिवाइस के ठीक नीचे एक कैमरा भी लगाया गया, ताकि फिश का मूवमेंट ट्रैक किया जा सके। इस कैमरे के जरिये डिवाइस को मछली के मुंह की दिशा का पता लग जाता है। ये सारी जानकारी जब कंप्यूटर को मिलती है तो वो मछली के मुंह की दिशा के अनुसार कार को उसी दिशा में मोड़ देता है।

देखें गोल्ड फिश के रोबोटिक कार चलाने का वीडियो..

वैज्ञानिकों ने किया गोल्ड फिश को ट्रेन

वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस एक्सपेरिमेंट के लिए 6 गोल्ड फिश को ट्रेनिंग दी गई थी। पहले एक छोटे से रूम में इस कार को चलवाया गया। उसके बाद ये एक्सपेरिमेंट बाहर दोहराया गया।

शुरुआत में मछलियों को कार से अपने टारगेट तक पहुंचने के लिए 30 मिनट लगता था। वे कई बार रास्ता भटक जाती थीं। धीरे-धीरे ये समय घटकर 1 मिनट हो गया। मछलियों को कोई भी छोटी-मोटी खाने के चीज टारगेट के रूप में दी जाती थी।

वैज्ञानिकों की माने तो इन मछलियों ने पूरी काबिलियत के साथ कार को चलाया।

वैज्ञानिकों की माने तो इन मछलियों ने पूरी काबिलियत के साथ कार को चलाया।

स्टडी के दौरान मछलियां हुईं कार चलाने में माहिर

वैज्ञानिकों की माने तो इन मछलियों ने पूरी काबिलियत के साथ कार को चलाया। एक अलग वातावरण में भी वो अपना टारगेट नहीं भूलीं और सही रास्ते पर चलती रहीं। कार को किसी दूसरे पॉइंट से चलाने पर या टारगेट को किसी और जगह रखने पर भी वो उस तक पहुंचने में कामयाब हुईं।

इससे पहले चूहों और कुत्तों पर हुआ था ऐसा एक्सपेरिमेंट

मछलियों के ऊपर हुए इस एक्सपेरिमेंट से पहले चूहों और कुत्तों के लिए भी ऐसे व्हीकल बनाए जा चुके हैं। अपने टारगेट को एक बार पहचान लेने पर चूहे और कुत्ते भी अपने रास्ते से नहीं भटकते।

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