हैजा से बचने के लिए अपनाएं ये घरेलू तरीके, मिलेगा आराम

0
24
Article Top Ad


Home Remedies For Cholera: हैजा या कोलेरा (Cholera) बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है. यह विब्रियो कोलेरी जीवाणु (Vibrio Cholerae) की वजह से होती है, जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है. इस बीमारी की वजह से दस्त और शरीर में पानी की कमी हो सकती है. इससे डिहाइड्रेशन (Dehydration) की स्थिति उत्‍पन्‍न हो सकती है. यहां तक कि समय पर उचित इलाज न मिलने से मरीज की मृत्यु तक हो सकती है. हैजा होने का खतरा सबसे ज्यादा वहां होता है, जहां साफ सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाता है. हैजा होने पर उल्टी और पतले दस्त आते हैं. साथ ही थकान महसूस होने के अलावा मांसपेशियों में ऐंठन आदि लक्षण हो सकते हैं. हालांकि कुछ घरेलू तरीके अपना कर हैजा से बचाव किया जा सकता है.

नेशनल हेल्‍थ पोर्टल की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ घरेलू तरीके हैजा में कारगर साबित हो सकते हैं. इसके तहत ढेर सारा पानी पीने से हैजा से छुटकारा पाने में प्रभावी रूप से मदद मिलती है. वहीं हैजा के रोगियों सहित सभी के लिए अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखना ज्‍यादा महत्वपूर्ण है. यह सबसे अच्छे घरेलू उपचारों में से एक है जो हैजा से बचाव कर सकता है.

ये भी पढ़ें – गर्मियों में पानी पीकर भी बार-बार लगे प्यास तो अपनाएं ये तरीके

-इसके अलावा लगभग तीन लीटर पानी में लौंग के कुछ टुकड़े डालकर उबाल लें. इस मिश्रण को हर कुछ घंटों में पिएं. यह हैजा के लिए सबसे अच्छे घरेलू उपचारों में से एक है.

-पानी और तुलसी के पत्तों का मिश्रण पीने से भी हैजा ठीक हो जाता है. इसके अलावा छाछ पिएं. इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक और जीरा मिला लें. यह हैजा में फायदेमंद होता है.

-नारियल पानी, ताजा नीबू का रस के साथ इसमें खीरे के कुछ पत्ते मिलाएं और इसे पिएं. इसे रोजाना कम से कम एक गिलास जरूर पिएं. इससे फायदा पहुंचता है.

-कुछ प्याज को पीसकर उसमें थोड़ी सी काली मिर्च मिलाएं और इसका अर्क नियमित रूप से पीएं. यह हैजा के लिए बेहतर उपचारों में से एक है.

ये भी पढ़ें – मिलिंद सोमन 55 की उम्र में भी रहते हैं फिट, फैंस को बताया फिटनेस सीक्रेट

बरतें ये सावधानियां

हैजा के रोगियों के लिए आहार की शुरुआत तरल पदार्थों को देने से कर सकते हैं. साथ ही मरीज दिन भर में ढेर सारा पानी, सोडा और नारियल पानी पिएं. ध्यान रखें कि एक बार में बहुत अधिक तरल पदार्थ लेने से उल्टी हो सकती है, इसलिए एक बार में केवल थोड़ी मात्रा में ही पीना चाहिए. मरीजों को चूसने के लिए बर्फ के टुकड़े भी दिए जा सकते हैं. इसके अलावा पूरी तरह ठीक होने तक ठोस और बिना पके खाद्य पदार्थ और बिना पकी सब्जियों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए. जब तक रोगी बीमारी से पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता, तब तक इन वस्तुओं से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए.



Source