क्लाइमेट स्टेटमेंट: 2021 इतिहास का पांचवां सबसे गर्म साल रहा, 121 साल में सबसे ज्यादा बारिश भी हुई

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नई दिल्ली20 मिनट पहले

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2021 में बाढ़, चक्रवात, भारी बारिश, भूस्खलन, बिजली गिरने से 1,750 लोगों की मौत हुई।

जलवायु परिवर्तन का असर साफ दिखने लगा है। बीते साल यानी 2021 में भारत में हवा का औसत तापमान सामान्य से 0.44 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। यह 1901 से अब तक पांचवां सबसे गर्म वर्ष रहा। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसा सर्दियों के दौरान जनवरी-फरवरी और मानसून के बाद अक्टूबर से दिसंबर के बीच औसत तापमान ज्यादा रहने से हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के सालाना क्लाइमेट स्टेटमेंट के मुताबिक पिछले साल जनवरी-फरवरी (सर्दी) में औसत तापमान सामान्य से 0.78 डिग्री सेल्सियस अधिक था। प्री-मानसून (मार्च से मई) के वक्त औसत तापमान सामान्य से 0.35 डिग्री सेल्सियस और मानसून के दौरान (जून से सितंबर) औसत तापमान सामान्य 0.34 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं, मानसून के बाद (अक्टूबर से दिसंबर) औसत तापमान सामान्य से 0.42 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। वर्ष 1901 से अब तक भारतीय मौसम विभाग के रिकॉर्ड में सबसे गर्म वर्ष 2016 था, तब औसत तापमान सामान्य से 0.71 डिग्री रहा। पांच सबसे गर्म वर्ष 2009 से 2021 के दौरान ही रहे। क्लाइमेट स्टेटमेंट के मुताबिक 1901 से 2021 के बीच औसत सामान्य तापमान 0.63 डिग्री सेल्सियस, औसत न्यूनतम तापमान 0.26 डिग्री सेल्सियस और औसत अधिकतम तापमान में 0.99 डिग्री सेल्सियस की दर से बढ़ा है। पिछले डेढ़ दशक के दौरान ही 11 सबसे गर्म साल दर्ज किए गए।

मौसम पूर्वानुमान के लिए ड्रोन का इस्तेमाल होगा
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, स्थानीय मौसम पूर्वानुमान जारी करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल होगा। शुक्रवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में चार रडार स्थापित किए गए हैं। इससे अगले तीन घंटे के अंदर की मौसमी घटनाओं का सटीक अनुमान लग सकेगा। अब कुल मौसम रडारों की संख्या 33 हो गई है।

अक्टूबर से दिसंबर के बीच में 144% ज्यादा बारिश हुई
पिछले वर्ष देश में बारिश सामान्य की तुलना में 105 फीसदी हुई। मानसून के दौरान बारिश 99 फीसदी रही। हालांकि दक्षिणी प्रायद्वीप में अक्टूबर से उत्तरी-पूर्व मानसून में सामान्य की तुलना में 171 फीसदी अधिक बारिश हुई। आईएमडी के रिकॉर्ड में 1901 से अब तक की यह सर्वाधिक बारिश थी। अक्टूबर से दिसंबर के बीच देशभर में 144 फीसदी बारिश हुई।
इसके साथ ही बीते साल भारत के समुद्र में ताऊते, याश, शाहीन, गुलाब व जवाद तूफान भी बने। इनमें 17 मई को सौराष्ट्र तट से टकराने वाले ताऊते ने सबसे ज्यादा जन व धनहानि की। इस तूफान ने केरल से लेकर गुजरात तक 144 लोगों की जान ली। सालभर में बारिश के कारण हुए हादसों में 759 लोगों की जान गई।

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