ममता ने किया बड़ा खेला, बीजेपी से नाराज मुकुल रॉय की घर वापसी

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डिजिटल डेस्क, कोलकाता। खेला होबे के नारे के साथ पश्चिम बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच शुरू हुआ सियासी दंगल अभी थमा नहीं है। बीजेपी का खेल तो वहां तकरीबन सिमट ही चुका है पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) का खेला अब भी जारी है। जिसके चलते बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर दक्षिण विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक मुकुल रॉय (Mukul roy) की घर वापसी हो गई है। यानि वो अब टीएमसी में वापसी कर चुके हैं। शुक्रवार (11 जून 2021) को मुकुल रॉय पहले टीएमसी के दफ्तर पहुंचे। यहां वो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिले। उसके बाद अन्य नेताओं के साथ उनकी बंद कमरे में चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनकी घर वापसी का औपचारिक ऐलान कर दिया। इस मौके पर ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। 

मुकुल का जाना बड़ा नुकसान
हाल ही का घटनाक्रम है जब कांग्रेस के बड़े नेता जितिन प्रसाद कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए। अब यही सियासी घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में बीजेपी के साथ दोहराया जा रहा है। जहां चार साल पहले टीएमसी छोड़ बीजेपी में शामिल हुए मुकुल रॉय वापस टीएमसी में लौट गए हैं। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को घेरने की पुरजोर कोशिशों में मुंह की खाने के बाद ये बीजेपी के लिए एक और बड़ा झटका है। मुकुल रॉय का जाना बीजेपी को काफी हद तक कमजोर बनाएगा ऐसा माना जा रहा है। उसकी बड़ी वजह ये है कि मुकुल रॉय की वजह से ही टीएमसी के कई नेता छिटकर बीजेपी का हिस्सा बन गए थे। पर अब मुकुल की घर वापसी के बाद सबके पार्टी में वापस लौटने की संभावनाएं प्रबल बताई जा रही हैं।

बीजेपी के इस फैसले से नाराज थे मुकुल
बताया जा रहा है कि मुकुल राय पिछले काफी दिनों से बीजेपी से नाराज चल रहे थे। विधानसभा चुनाव से पहले सुवेंदु अधिकारी के बीजेपी में शामिल होने के बाद मुकुल रॉय की पूछपरख पहले ही कम हो गई थी। जबकि ममता के गढ़ में बीजेपी को मजबूत बनाने का क्रेडिट मुकुल रॉय को भी जाता है। ये नाराजगी तब सारी हदें पार कर गई जब नेताप्रतिपक्ष के तौर पर मुकुल की जगह सुवेंदु अधिकारी का नाम आगे बढ़ाया गया। हालांकि सुवेंदु अधिकारी भी बड़े नेता हैं। जिन्होंने नंदीग्राम विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ही करारी शिकस्त दी है।

2017 में हुए थे शामिल
मुकुल रॉय साल 2017 में टीएमसी छोड़ बीजेपी में शामिल हुए थे। जिस वक्त वो टीएमसी में थे उनकी हैसियत नंबर दो के नेता की थी। पार्टी छोड़ते वक्त वो अपने साथ बड़ी संख्या में टीएमसी नेताओं को बीजेपी में साथ ले गए थे।  



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