अनुप्रिया ने भी भाजपा पर बढ़ाया दबाव: मंत्री बनाने की रखी मांग, केन्द्र और राज्य मंत्रिमंडल में एक-एक पद मांगा

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्‍तव
Updated Thu, 10 Jun 2021 09:44 PM IST

सार

अनुप्रिया पटेल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात कर प्रदेश की सियासत में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शाह की मुलाकात के ठीक  पहले अनुप्रिया और शाह की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।

दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात करतीं अनुप्रिया पटेल
– फोटो : अमर उजाला

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केंद्र और प्रदेश में मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलों के बीच भाजपा के सहयोगी अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर प्रदेश की सियासत में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शाह की मुलाकात के ठीक  पहले अनुप्रिया और शाह की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो शाह ने अनुप्रिया से भी योगी सरकार के क्रियाकलापों के बारे में फीडबैक लिया है। वहीं अनुप्रिया ने भी केन्द्र व प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में अपना दल को प्रतिनिधित्वि देने के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष और प्रदेश के निगमों व आयोगों में पार्टी को हिस्सेदारी देने के मुद्दे पर चर्चा की है।

सूत्रों का कहना है कि शाह से मुलाकात के दौरान अनुप्रिया ने केन्द्र में खुद के लिए और प्रदेश में अपने एमएलसी पति आशीष पटेल के लिए मंत्रिमंडल में समायोजित करने के मुुद्दे पर चर्चा किया है। इसके अलावा उन्होंने कम से से पांच जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अपना दल के उम्मीदवार को समर्थन देने का भी प्रस्ताव दिया है। चर्चा यह भी है कि अनुप्रिया ने शाह के समक्ष प्रदेश मंत्रिमंडल में अपना कोटा बढ़ाने  के साथ ही निगमों और आयोगो में खाली पदों पर भी पार्टी के पदाधिकारियों को समायोजित करने का प्रस्ताव पेश किया है।

सूत्रों का तो यह भी कहना है कि अनुप्रिया ने आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की सीटों का बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा किया है। ताकि पिछड़ी जाति के समीकरण को और मजबूत किया जा सके। वहीं अमित शाह ने भी प्रदेश सरकार कामकाज और पिछड़ी जाति में भाजपा की छवि को लेकर भी फीडबैक लिया है।

दरअसल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अपना दल (एस) को अब तक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। जबकि पिछली मोदी सरकार में अनुप्रिया को स्वास्थ्य जैसे बड़े मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया गया था। इसी तरह अगस्त-2019 में प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में भी अनुप्रिया की पार्टी का कोटा नहीं बढ़ा था। जबकि अनुप्रिया ने अपने एमएलएसी पति आशीष पटेल को मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए प्रबल दावेदारी पेश कर चुकी हैं। इसे लेकर अनुप्रिया ने भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व से असंतोष भी प्रकट किया था।

अब चूंकि प्रदेश में एक बार फिर से केन्द्र और प्रदेश की सरकारों में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार में 9 विधायकों वाले अपना दल (एस) कोटे से अभी एक ही मंत्री हैं। इसलिए  अनुप्रिया अपने दल का कोटा बढ़ाकर दो मंत्री बनाना चाहती हैं। इसके लिए वह अपने एमएलसी पति आशीष पटेल का नाम आगे बढ़ा चुकी हैं। इसी प्रकार केन्द्र में भी वह खुद मंत्री बनने को लेकर अपनी दावेदारी जताती रही हैं।

‘पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने गृह मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार मुलाकात किया है। इसके पीछे कोई सियासी मकसद नहीं था। बहुत दिनों में गृहमंत्री से मुलाकात नहीं हो पाई थी। इसलिए वह मिलने गई थीं। इसके पीछे कोई एजेंडा नहीं हैं।’ आशीष पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष, अपना दल (एस)

विस्तार

केंद्र और प्रदेश में मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलों के बीच भाजपा के सहयोगी अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर प्रदेश की सियासत में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शाह की मुलाकात के ठीक  पहले अनुप्रिया और शाह की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो शाह ने अनुप्रिया से भी योगी सरकार के क्रियाकलापों के बारे में फीडबैक लिया है। वहीं अनुप्रिया ने भी केन्द्र व प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में अपना दल को प्रतिनिधित्वि देने के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष और प्रदेश के निगमों व आयोगों में पार्टी को हिस्सेदारी देने के मुद्दे पर चर्चा की है।

सूत्रों का कहना है कि शाह से मुलाकात के दौरान अनुप्रिया ने केन्द्र में खुद के लिए और प्रदेश में अपने एमएलसी पति आशीष पटेल के लिए मंत्रिमंडल में समायोजित करने के मुुद्दे पर चर्चा किया है। इसके अलावा उन्होंने कम से से पांच जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अपना दल के उम्मीदवार को समर्थन देने का भी प्रस्ताव दिया है। चर्चा यह भी है कि अनुप्रिया ने शाह के समक्ष प्रदेश मंत्रिमंडल में अपना कोटा बढ़ाने  के साथ ही निगमों और आयोगो में खाली पदों पर भी पार्टी के पदाधिकारियों को समायोजित करने का प्रस्ताव पेश किया है।

सूत्रों का तो यह भी कहना है कि अनुप्रिया ने आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की सीटों का बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा किया है। ताकि पिछड़ी जाति के समीकरण को और मजबूत किया जा सके। वहीं अमित शाह ने भी प्रदेश सरकार कामकाज और पिछड़ी जाति में भाजपा की छवि को लेकर भी फीडबैक लिया है।

दरअसल मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अपना दल (एस) को अब तक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। जबकि पिछली मोदी सरकार में अनुप्रिया को स्वास्थ्य जैसे बड़े मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया गया था। इसी तरह अगस्त-2019 में प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में भी अनुप्रिया की पार्टी का कोटा नहीं बढ़ा था। जबकि अनुप्रिया ने अपने एमएलएसी पति आशीष पटेल को मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए प्रबल दावेदारी पेश कर चुकी हैं। इसे लेकर अनुप्रिया ने भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व से असंतोष भी प्रकट किया था।

अब चूंकि प्रदेश में एक बार फिर से केन्द्र और प्रदेश की सरकारों में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार में 9 विधायकों वाले अपना दल (एस) कोटे से अभी एक ही मंत्री हैं। इसलिए  अनुप्रिया अपने दल का कोटा बढ़ाकर दो मंत्री बनाना चाहती हैं। इसके लिए वह अपने एमएलसी पति आशीष पटेल का नाम आगे बढ़ा चुकी हैं। इसी प्रकार केन्द्र में भी वह खुद मंत्री बनने को लेकर अपनी दावेदारी जताती रही हैं।

‘पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने गृह मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार मुलाकात किया है। इसके पीछे कोई सियासी मकसद नहीं था। बहुत दिनों में गृहमंत्री से मुलाकात नहीं हो पाई थी। इसलिए वह मिलने गई थीं। इसके पीछे कोई एजेंडा नहीं हैं।’ आशीष पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष, अपना दल (एस)



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