यूपी: घर बैठ ऐसे डालें वोट, जानिए क्या है प्रक्रिया और मतदाता कैसे उठा सकते हैं इस सुविधा का लाभ?

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प्रतीकात्मक फोटो

Highlights

  • अपने घर से चुनाव में डाल सकते हैं वोट
  • चुनाव आयोग ने शेयर की जानकारी
  • इससे लाखों मतदाताओं को मिलेगी सुविधा

घर बैठे वोट डालने की सुविधा: उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को खास सुविधा मिलने वाली है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने सूचना जारी की है। इस जानकारी के अनुसार, अब मतदाता अपने घर से मतदान कर सकते हैं। हालांकि, ये सुविधा सभी लोगों के लिए नहीं है। इसलिए चलिए जानते हैं कि घर पर वोट डालने की प्रक्रिया और इससे जुड़ी तमाम जरूरी जानकारी।

ऐसे लोग घर से करें मतदान

उत्तर प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने कहा है कि 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं, शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों और कोविड -19 से रिकवर होने वालों को आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान घर से मतदान करने की सुविधा दी जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के कुल 24.42 लाख पंजीकृत मतदाता हैं। ये लोग इस सुविधा का लाभ ले पाएंगे।

ऐसे मतदाताओं की सुविधा के लिए, अक्टूबर 2019 में, कानून और न्याय मंत्रालय ने चुनाव नियमों के संचालन में एक संशोधन लाया और 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और अनुपस्थित मतदाताओं के तहत शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को शामिल किया।

घर बैठे वोट डालने की प्रक्रिया क्या है?
जून 2020 में, एक अन्य संशोधन में अनुपस्थित मतदाताओं के रूप में कोविड पॉजिटिव रोगियों को शामिल किया गया था, जिन्हें मतदान केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे अपना वोट गुप्त रूप से डालने में सक्षम हैं, उनके घरों पर डाक मतपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। आप घर बैठे मतपत्र की मदद से बिना किसी को दिखाए अपना वोट डाल सकते हैं। 

वोटिंग के लिए ये फॉर्म भरें
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि अनुपस्थित श्रेणी के तहत, 80 वर्ष से अधिक आयु के लोग, कोविड पॉजिटिव रोगी, शारीरिक रूप से अक्षम और आवश्यक सेवा प्रदाता (जैसे रेलवे, डाक सेवा आदि) ईसीआई (चुनाव आयोग) की वेबसाइट से 12 डी फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इसे सही ढंग से भरने के बाद, मतदान की अधिसूचना के पांच दिनों के भीतर बीएलओ के पास 12 डी फॉर्म जमा करना होगा।

गौरतलब है, कोविड पॉजिटिव रोगियों को अपनी कोविड स्थिति बताते हुए एक चिकित्सा रिपोर्ट संलग्न करने की आवश्यकता होती है, जबकि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति सरकार द्वारा जारी विकलांग प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। यह प्रक्रिया वास्तविक मतदान से 24 घंटे पहले एक सहायक अधिकारी की देखरेख में आयोजित की जाएगी। एक बार फॉर्म जमा हो जाने के बाद, इसकी जांच की जाएगी और ऐसे मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाएगी जो मतदान के दिन मतदाता के घर जा सकते हैं। मतपत्र के साथ एक पोस्टल बैलेट बॉक्स प्रदान किया जाएगा जिसमें वे मतदान गुप्त रूप से कर सकते हैं।





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