विवादित बयान: अयोध्या के बाद पीएम केपी शर्मा ओली ने अब योग को बताया नेपाल की उत्पत्ति

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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 22 Jun 2021 12:52 AM IST

सार

केपी ओली ने यह बयान अपने आवास पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया। ओली ने कहा कि भारतीय विशेषज्ञ इसके बारे में तथ्य छिपाते रहे हैं। भारत जो अब मौजूद है वह अतीत में नहीं था।

पीएम ओली के विवादित बोल..
– फोटो : twitter

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नेपाल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने योग दिवस के मौके पर दावा किया कि योग की उत्पत्ति नेपाल में हुई थी। उन्होंने कहा कि जब दुनिया में योग की शुरुआत हुई थी तब भारत आसपास नहीं था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनको जमकर ट्रोल किया जा रहा है।

केपी ओली ने यह बयान अपने आवास पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया। ओली ने कहा कि भारतीय विशेषज्ञ इसके बारे में तथ्य छिपाते रहे हैं। भारत जो अब मौजूद है वह अतीत में नहीं था। उस समय भारत अलग-अलग गुटों में बंटा हुआ था। साथ ही कहा कि गुटों में बंटा भारत उस समय एक महाद्वीप या उपमहाद्वीप जैसा था।

ऐसा पहली बार नहीं जब केपी ओली की जुबान फिसली हो उन्होंने भारत की अयोध्या को नकली करार दिया था। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपने इस विवादित बयान के कारण मजाक के पात्र बन चुके हैं। केपी शर्मा ओली ने कहा था कि भगवान राम का जन्म नेपाल में हुआ था।

उन्होंने कहा था कि हमें सांस्कृतिक रूप से दबाया गया है। तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। हम अब भी मानते हैं कि हमने भारतीय राजकुमार राम को सीता दी थी। लेकिन हमने भारत की अयोध्या के राजकुमार को सीता नहीं दी थी। असली अयोध्या बीरगंज के पश्चिम में स्थित एक गांव है, न कि वह जिसे अब बनाया गया है। इस बयान के बाद से ही केपी शर्मा ओल का ना सिर्फ भारत के बल्कि नेपाल के सोशल मीडिया पर भी मजाक बनाया गया था। 

भारतीय संत समाज ने की थी निंदा
भगवान राम को नेपाली बताने पर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली की भारतीय संत समाज ने कड़ी निंदा की थी। उन्होंने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। संतों ने भारत सरकार से नेपाल सरकार के सामने अपना विरोध जताने की अपील की थी।

योग दिवस की शुरूआत 2015 से
2015 से 21 जून को प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता रहा है। भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संयुक्त राष्ट्र के संबोधन में 21 जून की तारीख का सुझाव दिया था, क्योंकि यह सबसे लंबी तारीख है। उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का दिन और दुनिया के कई हिस्सों में एक विशेष महत्व रखता है।

विस्तार

नेपाल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने योग दिवस के मौके पर दावा किया कि योग की उत्पत्ति नेपाल में हुई थी। उन्होंने कहा कि जब दुनिया में योग की शुरुआत हुई थी तब भारत आसपास नहीं था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनको जमकर ट्रोल किया जा रहा है।

केपी ओली ने यह बयान अपने आवास पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया। ओली ने कहा कि भारतीय विशेषज्ञ इसके बारे में तथ्य छिपाते रहे हैं। भारत जो अब मौजूद है वह अतीत में नहीं था। उस समय भारत अलग-अलग गुटों में बंटा हुआ था। साथ ही कहा कि गुटों में बंटा भारत उस समय एक महाद्वीप या उपमहाद्वीप जैसा था।

ऐसा पहली बार नहीं जब केपी ओली की जुबान फिसली हो उन्होंने भारत की अयोध्या को नकली करार दिया था। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपने इस विवादित बयान के कारण मजाक के पात्र बन चुके हैं। केपी शर्मा ओली ने कहा था कि भगवान राम का जन्म नेपाल में हुआ था।

उन्होंने कहा था कि हमें सांस्कृतिक रूप से दबाया गया है। तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। हम अब भी मानते हैं कि हमने भारतीय राजकुमार राम को सीता दी थी। लेकिन हमने भारत की अयोध्या के राजकुमार को सीता नहीं दी थी। असली अयोध्या बीरगंज के पश्चिम में स्थित एक गांव है, न कि वह जिसे अब बनाया गया है। इस बयान के बाद से ही केपी शर्मा ओल का ना सिर्फ भारत के बल्कि नेपाल के सोशल मीडिया पर भी मजाक बनाया गया था। 

भारतीय संत समाज ने की थी निंदा

भगवान राम को नेपाली बताने पर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली की भारतीय संत समाज ने कड़ी निंदा की थी। उन्होंने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। संतों ने भारत सरकार से नेपाल सरकार के सामने अपना विरोध जताने की अपील की थी।

योग दिवस की शुरूआत 2015 से

2015 से 21 जून को प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता रहा है। भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संयुक्त राष्ट्र के संबोधन में 21 जून की तारीख का सुझाव दिया था, क्योंकि यह सबसे लंबी तारीख है। उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का दिन और दुनिया के कई हिस्सों में एक विशेष महत्व रखता है।



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