हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र आज से, हंगामे के आसार, कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस करेगी रोष मार्च

0
4
Article Top Ad


हरियाणा विधानसभा।
– फोटो : फाइल फोटो।

ख़बर सुनें

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार दोपहर बाद दो बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। अभिभाषण के जरिए राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य सरकार का रोडमैप पेश करेंगे। बजट सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस विधायक दल नए कृषि कानूनों के विरोध में पांच मार्च को दोपहर डेढ़ बजे हाईकोर्ट चौक से विधानसभा तक पैदल मार्च करेगा।

कांग्रेस विधायक राज्यपाल अभिभाषण के दौरान भी शोर-शराबा कर सकते हैं। सत्र के पहले दिन सरकार के खिलाफ कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव से माहौल गरमाने की पूरी संभावना है। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के सभी विधायक एक साथ खड़े होकर यह प्रस्ताव रखेंगे। नियमानुसार 18 विधायक एक साथ अगर यह प्रस्ताव लाते हैं तो विधानसभा अध्यक्ष को उसे स्वीकार कर चर्चा व मतदान के लिए समय तय करना होगा। जिसकी जानकारी नेता प्रतिपक्ष व प्रस्ताव सदन में रखने वाले विधायकों को लिखित में देनी होगी। 
 
कार्य सलाहकार समिति की बैठक सुबह 11 बजे
बजट सत्र की अवधि कार्य सलाहकार समिति तय करेगी। समिति की बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता की अध्यक्षता में होगी। इसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, संसदीय कार्य मंत्री, डिप्टी स्पीकर व नेता प्रतिपक्ष मौजूद रहेंगे। कार्य के हिसाब से विचार-विमर्श कर सत्र की कुल बैठकों पर मुहर लगाई जाएगी।

10 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि सत्र की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रश्नों का ड्रॉ निकाल लिया गया है। प्रश्नकाल में प्रतिदिन 20 तारांकित प्रश्न उठाए जा सकेंगे। 10 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आए हैं। प्रासंगिकता के अनुसार ही इन्हें मंजूर किया जाएगा। वहीं, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि सरकार सदन में हर जनहित के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरेगा। 

विज-डीजीपी विवाद भी सदन में गूंजेगा
गृह मंत्री अनिल विज और डीजीपी के बीच चला आ रहा विवाद भी सदन में गूंजेगा। विज, डीजीपी का कार्यकाल बढ़ाने के खिलाफ हैं और दिल्ली तक विरोध जता चुके हैं। डीजीपी को एक साल का सेवा विस्तार मिलने के बाद विज ने आठ अफसरों के नाम का नया पैनल तैयार करवा दिया है। जबकि, सीएम अभी डीजीपी को बदलने के मूड में नहीं हैं। कांग्रेस इस पूरे मामले को सदन में उठाएगी। प्रदेश में बढ़ते अपराध के साथ इस मामले को जोड़ते हुए सरकार को घेरा जाएगा।

विस्तार

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार दोपहर बाद दो बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। अभिभाषण के जरिए राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य सरकार का रोडमैप पेश करेंगे। बजट सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस विधायक दल नए कृषि कानूनों के विरोध में पांच मार्च को दोपहर डेढ़ बजे हाईकोर्ट चौक से विधानसभा तक पैदल मार्च करेगा।

कांग्रेस विधायक राज्यपाल अभिभाषण के दौरान भी शोर-शराबा कर सकते हैं। सत्र के पहले दिन सरकार के खिलाफ कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव से माहौल गरमाने की पूरी संभावना है। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के सभी विधायक एक साथ खड़े होकर यह प्रस्ताव रखेंगे। नियमानुसार 18 विधायक एक साथ अगर यह प्रस्ताव लाते हैं तो विधानसभा अध्यक्ष को उसे स्वीकार कर चर्चा व मतदान के लिए समय तय करना होगा। जिसकी जानकारी नेता प्रतिपक्ष व प्रस्ताव सदन में रखने वाले विधायकों को लिखित में देनी होगी। 

 

कार्य सलाहकार समिति की बैठक सुबह 11 बजे

बजट सत्र की अवधि कार्य सलाहकार समिति तय करेगी। समिति की बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता की अध्यक्षता में होगी। इसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, संसदीय कार्य मंत्री, डिप्टी स्पीकर व नेता प्रतिपक्ष मौजूद रहेंगे। कार्य के हिसाब से विचार-विमर्श कर सत्र की कुल बैठकों पर मुहर लगाई जाएगी।

10 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव

विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि सत्र की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रश्नों का ड्रॉ निकाल लिया गया है। प्रश्नकाल में प्रतिदिन 20 तारांकित प्रश्न उठाए जा सकेंगे। 10 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आए हैं। प्रासंगिकता के अनुसार ही इन्हें मंजूर किया जाएगा। वहीं, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि सरकार सदन में हर जनहित के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरेगा। 

विज-डीजीपी विवाद भी सदन में गूंजेगा

गृह मंत्री अनिल विज और डीजीपी के बीच चला आ रहा विवाद भी सदन में गूंजेगा। विज, डीजीपी का कार्यकाल बढ़ाने के खिलाफ हैं और दिल्ली तक विरोध जता चुके हैं। डीजीपी को एक साल का सेवा विस्तार मिलने के बाद विज ने आठ अफसरों के नाम का नया पैनल तैयार करवा दिया है। जबकि, सीएम अभी डीजीपी को बदलने के मूड में नहीं हैं। कांग्रेस इस पूरे मामले को सदन में उठाएगी। प्रदेश में बढ़ते अपराध के साथ इस मामले को जोड़ते हुए सरकार को घेरा जाएगा।



Source