Cabinet Reshuffle: मोदी सरकार का बड़ा फैसला, वित्त मंत्रालय में जोड़ा नया विभाग

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पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: ‌डिंपल अलावाधी
Updated Wed, 07 Jul 2021 12:55 PM IST

सार

सरकार ने सार्वजनिक उद्यम विभाग को वित्त मंत्रालय के तहत कर दिया है। अपने महत्वाकांक्षी विनिवेश कार्यक्रम को सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
– फोटो : ANI

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सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी विनिवेश कार्यक्रम को सुविधाजनक बनाने के लिए सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) को वित्त मंत्रालय के तहत किया है। इससे पहले डीपीई भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय का हिस्सा था।
 
कैबिनेट सचिवालय द्वारा छह जुलाई 2021 को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, ‘वित्त मंत्रालय में उप-शीर्षक (5) वित्तीय सेवा विभाग के बाद, निम्नलिखित उप-शीर्षक शामिल किया जाएगा- (6) लोक उद्यम विभाग।’ गजट अधिसूचना में कहा गया है कि इन नियमों को भारत सरकार (कार्य का आवंटन) तीन सौ इकसठवां  संशोधन नियम, 2021 कहा जा सकता है। इस तरह यह वित्त मंत्रालय के तहत छठा विभाग होगा। 

हिस्सेदारी बिक्री से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
यह बदलाव आज दिन में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के अपने बजट में एक बड़े निजीकरण एजेंडे की घोषणा की थी, जिसमें दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एक सामान्य बीमा कंपनी का निजीकरण शामिल है। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) लाने और आईडीबीआई बैंक में शेष हिस्सेदारी बेचने का भी प्रस्ताव है। सरकार ने 2021-22 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बिक्री से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है।

पीएम आवास पर लगा नेताओं का जमावड़ा
मालूम हो कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बुधवार की शाम को होने वाले फेरबदल व विस्तार से पहले, मंत्री पद के संभावित चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आधिकारिक आवास पर पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा भी प्रधानमंत्री आवास पर मौजूद हैं।

मोदी सरकार में गहलोत समेत 53 मंत्री
मालूम हो कि मौजूदा मंत्रिपरिषद में कर्नाटक के राज्यपाल बनाए गए केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत सहित कुल 53 मंत्री हैं और नियमानुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अधिकतम मंत्रियों की संख्या 81 हो सकती है।

विस्तार

सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी विनिवेश कार्यक्रम को सुविधाजनक बनाने के लिए सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) को वित्त मंत्रालय के तहत किया है। इससे पहले डीपीई भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय का हिस्सा था।

 

कैबिनेट सचिवालय द्वारा छह जुलाई 2021 को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, ‘वित्त मंत्रालय में उप-शीर्षक (5) वित्तीय सेवा विभाग के बाद, निम्नलिखित उप-शीर्षक शामिल किया जाएगा- (6) लोक उद्यम विभाग।’ गजट अधिसूचना में कहा गया है कि इन नियमों को भारत सरकार (कार्य का आवंटन) तीन सौ इकसठवां  संशोधन नियम, 2021 कहा जा सकता है। इस तरह यह वित्त मंत्रालय के तहत छठा विभाग होगा। 

हिस्सेदारी बिक्री से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य

यह बदलाव आज दिन में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के अपने बजट में एक बड़े निजीकरण एजेंडे की घोषणा की थी, जिसमें दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एक सामान्य बीमा कंपनी का निजीकरण शामिल है। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) लाने और आईडीबीआई बैंक में शेष हिस्सेदारी बेचने का भी प्रस्ताव है। सरकार ने 2021-22 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बिक्री से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है।

पीएम आवास पर लगा नेताओं का जमावड़ा

मालूम हो कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बुधवार की शाम को होने वाले फेरबदल व विस्तार से पहले, मंत्री पद के संभावित चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आधिकारिक आवास पर पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा भी प्रधानमंत्री आवास पर मौजूद हैं।


मोदी सरकार में गहलोत समेत 53 मंत्री

मालूम हो कि मौजूदा मंत्रिपरिषद में कर्नाटक के राज्यपाल बनाए गए केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत सहित कुल 53 मंत्री हैं और नियमानुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अधिकतम मंत्रियों की संख्या 81 हो सकती है।



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