CMs की बैठक के दौरान चन्नी ने PM मोदी के लिए पढ़ा ‘कयामत’ वाला शेर

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Image Source : PTI FILE
पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने पीएम मोदी से कहा कि उनके पंजाब दौरे के दौरान जो कुछ भी हुआ उसका उन्हें खेद है।

Highlights

  • मुख्यमंत्रियों की बैठक के दौरान चन्नी ने पीएम मोदी दीर्घायु होने की कामना करते हुए शेर सुनाया।
  • चन्नी ने मोदी से कहा कि उनके पंजाब दौरे के दौरान जो कुछ भी हुआ उसका उन्हें खेद है।
  • चन्नी ने पीएम के लिए शेर पढ़ा, तुम सलामत रहो कयामत तक और खुदा करे कि कयामत ना हो।

नयी दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पिछले दिनों राज्य के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर गुरुवार को खेद प्रकट किया और उनकी सलामती की कामना करने के लिए उन्होंने एक शेर भी पढ़ा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कोविड-19 की स्थिति पर समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठक के दौरान चन्नी ने उनके दीर्घायु होने की कामना करते हुए शेर सुनाया। सूत्रों के मुताबिक चन्नी ने मोदी से कहा कि उनके पंजाब दौरे के दौरान जो कुछ भी हुआ उसका उन्हें खेद है क्योंकि देश का प्रधानमंत्री होने के नाते वह उनके लिए बहुत सम्मानित हैं।

बीजेपी ने अपना रखा है आक्रामक रवैया

चन्नी ने कहा, ‘तुम सलामत रहो कयामत तक और खुदा करे कि कयामत ना हो।’ ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा चूक के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रवैया अपना रखा है और इसके लिए वह सीधे तौर पर पंजाब सरकार को दोषी ठहरा रही है। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस और पंजाब सरकार पर प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रचने तक का आरोप लगाया है। चन्नी पहले भी इस घटना को लेकर खेद जता चुके हैं लेकिन साथ ही वह यह भी कहते रहे हैं कि प्रधानमंत्री की जान को कोई खतरा नहीं था। कुछ मौकों पर तो उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री का मजाक भी उड़ाया।

20 मिनट तक रुका रहा था पीएम का काफिला
बता दें कि 5 जनवरी को फिरोजपुर में किसानों द्वारा मार्ग अवरुद्ध किए जाने के बाद प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर पर करीब 20 मिनट तक रुका रहा था। घटना के बाद प्रधानमंत्री को पंजाब में रैली सहित अन्य कार्यक्रमों में भाग लिए बगैर ही लौटना पड़ा था। केन्द्र ने पंजाब की कांग्रेस-नीत सरकार पर सुरक्षा चूक का आरोप लगाया और इस संबंध में तत्काल रिपोर्ट देने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए बुधवार को शीर्ष अदालत की पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में पांच-सदस्यीय समिति गठित की।





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