UP Board 2021: बोर्ड की वेबसाइट पर फर्जी ढंग से चढ़ाए जा रहे नंबर, छात्रों से की जा रही वसूली

0
35
Article Top Ad


सार

प्री-बोर्ड की परीक्षा के नाम पर कई प्राइवेट स्कूलों ने की है मनमानी, डीएम से हुई शिकायत तो स्कूलों पर पुलिस मार रही छापा

उत्तर प्रदेश बोर्ड : यूपी बोर्ड
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

ख़बर सुनें

करीब एक सप्ताह पूर्व यूपी बोर्ड की ओर से आए एक आदेश ने देवरिया जिले के प्रधानाचार्यों को सांसत में डाल दिया। 10वीं की छमाही एवं प्री-बोर्ड के अंक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश ने ऐसे विद्यालय जहां परीक्षाएं नहीं हुई थी, वहां मनमानी नंबर चढ़ा दिए गए। कुछ स्कूलों पर प्रति छात्र वसूली करने का भी आरोप लग चुका है। कोरोना काल में अधिकारियों ने भी इस मनमानी पर रोक लगाने की कोई कोशिश तक नहीं की।

यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने 17 मई को एक आदेश जारी किया था कि 10वीं के छात्रों को प्रोन्नत करने के उनके छमाही एवं प्री-बोर्ड का अंक बोर्ड की वेबसाइट पर 20 मई तक अपलोड कर दिया जाए। बाद में तिथि आगे भी बढ़ाई गई।

यूपी बोर्ड के इस फरमान ने जिले के कई स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सांसत में डाल दिया। कोरोना के चलते कई विद्यालयों में छमाही परीक्षा ही नहीं हुई, वहीं प्री बोर्ड परीक्षा अनिवार्य न होने से कई स्कूलों ने कराया ही नहीं। ऐसे में यह विवरण अपलोड करना एक चुनौती बन गया।

 

इस निर्णय पर शिक्षक संगठनों ने भी लगातार सवाल उठाए। उधर बीते 19 मई को ही रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के पिपरा मदन गोपाल स्थित एक इंटर कॉलेज में कोरोना कर्फ्यू के दौरान ही हाईस्कूल प्री-बोर्ड परीक्षा कराने के नाम पर वसूली की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की थी।

इस दौरान यहां से सादी कापियां, कागजात व नगदी बरामद की गई। आरोप था कि हर छात्र से पांच हजार रुपये की वसूलने की डीएम से शिकायत के बाद स्कूल में पहुंची पुलिस ने छापा मारा था। जिले में अभी भी ऐसे ही कई और स्कूल हैं जो बिना परीक्षा के नंबर अपलोड कर रहे हैं जिसका उनके पास कोई रिकार्ड तक नहीं है।

इस साल देवरिया में हाईस्कूल में 71,996 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे और बोर्ड की परीक्षा देने वाले थे। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पीके शर्मा ने बताया कि उनके यहां हाईस्कूल की छमाही एवं प्री बोर्ड परीक्षा समय से करा ली गई थी।

डीआईओएस देवेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल के छात्रों को प्री-बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों को वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया था। जिले में अधिकांश स्कूलों ने छमाही व प्री-बोर्ड की परीक्षा कराई है। इसी के आधार पर नंबर अपलोड किए गए हैं। पिपरा मदन गोपाल स्थित इंटर कॉलेज में कोरोना कर्फ्यू के दौरान प्री-बोर्ड के लिए छात्रों को बुलाने की शिकायत मिली थी, इसकी विभागीय जांच चल रही है।

 

विस्तार

करीब एक सप्ताह पूर्व यूपी बोर्ड की ओर से आए एक आदेश ने देवरिया जिले के प्रधानाचार्यों को सांसत में डाल दिया। 10वीं की छमाही एवं प्री-बोर्ड के अंक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश ने ऐसे विद्यालय जहां परीक्षाएं नहीं हुई थी, वहां मनमानी नंबर चढ़ा दिए गए। कुछ स्कूलों पर प्रति छात्र वसूली करने का भी आरोप लग चुका है। कोरोना काल में अधिकारियों ने भी इस मनमानी पर रोक लगाने की कोई कोशिश तक नहीं की।

यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने 17 मई को एक आदेश जारी किया था कि 10वीं के छात्रों को प्रोन्नत करने के उनके छमाही एवं प्री-बोर्ड का अंक बोर्ड की वेबसाइट पर 20 मई तक अपलोड कर दिया जाए। बाद में तिथि आगे भी बढ़ाई गई।

यूपी बोर्ड के इस फरमान ने जिले के कई स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सांसत में डाल दिया। कोरोना के चलते कई विद्यालयों में छमाही परीक्षा ही नहीं हुई, वहीं प्री बोर्ड परीक्षा अनिवार्य न होने से कई स्कूलों ने कराया ही नहीं। ऐसे में यह विवरण अपलोड करना एक चुनौती बन गया।

 


आगे पढ़ें

आदेश पर उठ रहे सवाल



Source