जम्मू: तीन मजदूरों की संदिग्ध परिस्थिति में पहलगाम में मौत, मची चीख पुकार, परिवार पर टूटा मुसीबतों का पहाड़

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 14 Sep 2021 12:18 AM IST

सार

तीनों मजदूर पहलगाम में एक मकान में पेंट का काम कर रहे थे। दो दिन पहले इन तीनों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले भर्ती कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में छानबीन शुरू कर दी है। 

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में जम्मू के डिग्यिना निवासी तीन मजदूरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताते हैं कि तीनों की दो दिन पहले तबीयत खराब हुई। इन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां तीनों ने दम तोड़ दिया। एक की मौत अनंतनाग के अस्पताल में हुई जबकि दो ने श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल श्रीनगर में दम तोड़ा। मरने वालों में एक मजदूर हरियाणा का था, जो इन दिनों डिग्यिना में रहता था। 

पुलिस के अनुसार मरने वालों में प्रदीप कुमार उर्फ राजू, राहुल शर्मा व प्रिंस सिंह शामिल थे। राहुल हरियाणा के पानीपत के  आबरा खड़ी गांव निवासी था, जो प्रीतनगर डिग्यिना में रहता था। यह सभी पहलगाम में एक मकान में पेंट का काम कर रहे थे। दो दिन पहले इन तीनों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने इस मामले में छानबीन शुरू कर दी है। 

उधर, मृतक प्रदीप कुमार का शव सोमवार को डिग्यिना स्थित घर पर पहुंचते ही हर तरफ चीख पुकार मच गई। परिवार का कहना है कि वह एक ठेकेदार के साथ पहलगाम गया था। वह पेंटिंग का काम करता था। कुछ दिन पहले ही वह जम्मू से गया था। तीन दिन पहले उसकी फोन पर घर पर बात हुई थी। प्रदीप ने अपनी मां और पत्नी से फोन पर बात की थी। बताया था कि सब कुछ ठीक है। 

हस्ताक्षर कराकर पोस्टमार्टम करवाया 
प्रदीप की मां का कहना है कि उनको ठेकेदार की पत्नी ने घर आकर बताया कि प्रदीप की पहलगाम में मौत हो गई। वह लोग वहां पहुंचे, ताकि उसका पोस्टमार्टम हो सके। वह लोग जब वहां पहुंचे तो उनको अस्पताल में हस्ताक्षर करवाकर पोस्टमार्टम करवा लिया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया कि मौत कैसे हुई। सिर्फ इतना ही बताया गया कि थिनर पीने से प्रदीप की मौत हुई है। प्रदीप के साथ दो और मजदूर थे, जिनके बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है। हालांकि प्रदीप ने ही बताया था कि जम्मू का एक श्रमिक भी उसके साथ वहां पर पेंटिंग का काम करता है। 

घर का इकलौता कमाने वाला था प्रदीप
परिवार ने बताया कि वह घर में अकेला कमाने वाला था। वह पुलिस में नौकरी भी करता था, लेकिन दिमागी संतुलन बिगड़ने के कारण उसे बाहर निकाल दिया था। पिछले कई सालों से वह पेंटिंग का काम करता था और कश्मीर जाता रहता था। लेकिन इस बार उसके साथ यह हादसा हो गया। उनको यकीन नहीं है कि उसने थिनर पीया हो। शक है कि उसकी हत्या की गई है। इसलिए पुलिस इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करे। घर में कमाने वाला उसके सिवा कोई नहीं है। 

विस्तार

दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में जम्मू के डिग्यिना निवासी तीन मजदूरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताते हैं कि तीनों की दो दिन पहले तबीयत खराब हुई। इन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां तीनों ने दम तोड़ दिया। एक की मौत अनंतनाग के अस्पताल में हुई जबकि दो ने श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल श्रीनगर में दम तोड़ा। मरने वालों में एक मजदूर हरियाणा का था, जो इन दिनों डिग्यिना में रहता था। 

पुलिस के अनुसार मरने वालों में प्रदीप कुमार उर्फ राजू, राहुल शर्मा व प्रिंस सिंह शामिल थे। राहुल हरियाणा के पानीपत के  आबरा खड़ी गांव निवासी था, जो प्रीतनगर डिग्यिना में रहता था। यह सभी पहलगाम में एक मकान में पेंट का काम कर रहे थे। दो दिन पहले इन तीनों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने इस मामले में छानबीन शुरू कर दी है। 

उधर, मृतक प्रदीप कुमार का शव सोमवार को डिग्यिना स्थित घर पर पहुंचते ही हर तरफ चीख पुकार मच गई। परिवार का कहना है कि वह एक ठेकेदार के साथ पहलगाम गया था। वह पेंटिंग का काम करता था। कुछ दिन पहले ही वह जम्मू से गया था। तीन दिन पहले उसकी फोन पर घर पर बात हुई थी। प्रदीप ने अपनी मां और पत्नी से फोन पर बात की थी। बताया था कि सब कुछ ठीक है। 

हस्ताक्षर कराकर पोस्टमार्टम करवाया 

प्रदीप की मां का कहना है कि उनको ठेकेदार की पत्नी ने घर आकर बताया कि प्रदीप की पहलगाम में मौत हो गई। वह लोग वहां पहुंचे, ताकि उसका पोस्टमार्टम हो सके। वह लोग जब वहां पहुंचे तो उनको अस्पताल में हस्ताक्षर करवाकर पोस्टमार्टम करवा लिया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया कि मौत कैसे हुई। सिर्फ इतना ही बताया गया कि थिनर पीने से प्रदीप की मौत हुई है। प्रदीप के साथ दो और मजदूर थे, जिनके बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है। हालांकि प्रदीप ने ही बताया था कि जम्मू का एक श्रमिक भी उसके साथ वहां पर पेंटिंग का काम करता है। 

घर का इकलौता कमाने वाला था प्रदीप

परिवार ने बताया कि वह घर में अकेला कमाने वाला था। वह पुलिस में नौकरी भी करता था, लेकिन दिमागी संतुलन बिगड़ने के कारण उसे बाहर निकाल दिया था। पिछले कई सालों से वह पेंटिंग का काम करता था और कश्मीर जाता रहता था। लेकिन इस बार उसके साथ यह हादसा हो गया। उनको यकीन नहीं है कि उसने थिनर पीया हो। शक है कि उसकी हत्या की गई है। इसलिए पुलिस इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करे। घर में कमाने वाला उसके सिवा कोई नहीं है। 



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