अमन की उम्मीद: 12 दिन की जंग आज थमेगी, इजराइल और फिलिस्तीन सीजफायर पर राजी; गुप्त बातचीत के बाद हमास भी झुकने पर मजबूर

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2 घंटे पहले

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12 दिन चली जंग के बाद आखिरकार इजराइल और फिलिस्तीन सीजफायर पर सहमत हो गए। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे (भारतीय समय के अनुसार) हमास (इजराइल इसे आतंकी संगठन बताता है) ने भी इसकी पुष्टि कर दी।

इस जंग में अब तक 230 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा जान-ओ-माल का नुकसान गाजा पट्टी में हुआ है। यहां करीब 220 लोगों की मौत हुई। यहीं से हमास अब तक इजराइल पर रॉकेट हमले करता रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सीजफायर की संभावना को खारिज कर दिया था।

इजराइल ने क्या कहा
सीजफायर की पुष्टि करते हुए इजराइल की तरफ से एक बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया- सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट की मीटिंग हुई। इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, इंटरनल सिक्योरिटी चीफ और खुफिया एजेंसी मोसाद के चीफ भी शामिल हुए। इसमें इजिप्ट के उस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हुआ जिसमें हमास के साथ जारी संघर्ष को रोकने का ऑफर दिया गया था। सीजफायर के लिए कोई शर्त नहीं रखी गई है। इस पर दोनों पक्ष सहमत हैं। सीजफायर शुक्रवार से शुरू होगा। इसके समय के बारे में जानकारी बाद में दी जाएगी।

वहीं हमास ने बहुत छोटा बयान जारी किया। इसमें कहा- दोनों पक्ष संघर्ष बंद करने पर (सीजफायर) पर सहमत हो गए हैं। इसकी शुरुआत शुक्रवार से होगी।

गुपचुप कवायद
हमास अब तक इजराइल पर तीन हजार से ज्यादा रॉकेट दाग चुका है। जवाब में इजराइली एयरफोर्स के हमलों ने गाजा पट्टी को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया था। दो दिन से जंग की तेजी कुछ कम हुई। सोमवार के बाद मंगलवार को भी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की थी।

अमेरिकी डिप्लोमैट्स ने इजिप्ट और सऊदी अरब के जरिए इस बार हमास से भी संपर्क किया। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने इजराइली अफसरों के हवाले से बताया था कि शुक्रवार या शनिवार को सीजफायर का ऐलान हो सकता है।

गाजा में रहने वालों की चिंता
हमास का बेस फिलिस्तीन के गाजा में ही है। यहां इसने सैकड़ों सुरंगें बनाई हैं। हमास के लोग रॉकेट फायर करने के बाद इन्हीं में छिप जाते हैं। 7 साल बाद हुई इस जंग में इजराइल ने इनमें से ज्यादातर सुरंगें तबाह कर दीं, लेकिन इसके पहले यहां रहने वाले 20 लाख लोगों की जिंदगी भी तबाह हो चुकी है। गाजा में इस वक्त न तो बिजली है, न पानी और न अस्पताल।

अमेरिका ज्यादा एक्टिव रहा
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन दो बार नेतन्याहू से बात कर चुके थे। जर्मनी के विदेश मंत्री ने भी इजराइली पीएम से बात की। सऊदी अरब और इजिप्ट के प्रभाव का भी बाइडेन ने इस्तेमाल किया। यही वजह है कि इजराइल के साथ हमास पर भी भारी दबाव पड़ रहा था। इजराइल का दावा है कि उसने हमास के 130 लोगों को मार गिराया है। वर्ल्ड मीडिया का दावा है कि जंग में 60 बच्चों की भी मौत हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हमास ने गुरुवार को भी इजराइल पर 70 रॉकेट दागे, हालांकि इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम ने एक भी रॉकेट को अपनी सरजमीं पर नहीं गिरने दिया। इजराइल ने गाजा पट्टी के 1 हजार से ज्यादा टारगेट को तबाह किया है। अब यहां सिर्फ मलबा नजर आता है।

गाजा अब धरती पर बच्चों के लिए नर्क
सीजफायर के ऐलान के पहले UN चीफ एंतोनियो गुतेरेस ने गुरुवार को एक भावुक बयान में कहा था – गाजा इस धरती पर बच्चों के लिए नर्क बन गया है। इसके साथ ही यूएन चीफ ने इजराइल से कहा कि वो गाजा पट्टी में अपनी कार्रवाई रोके। गुतेरेस ने यह बात 193 मेंबर्स वाली जनरल असेंबली में कहीं। इस दौरान गाजा में हमलों पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा- जंग में गाजा को भारी नुकसान हुआ है। बुनियादी व्यवस्थाएं तबाह हो गई हैं। वहां हेल्थ फेसिलिटीज तो छोड़िए, बिजली और पानी की सप्लाई भी ठप हो चुकी है।

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