कजाकिस्तान में हिंसा: पुलिस की फायरिंग में 12 से ज्यादा लोगों की मौत, रूस ने हिंसा से निपटने के लिए सैनिक भेजे

0
27
Article Top Ad


  • Hindi News
  • International
  • Kazakhstan Violence News Update; 12 Killed In Police Firing, Russia Sends Troops Amid Protest

नूरसुल्तान5 घंटे पहले

बुधवार रात प्रदर्शनकारियों ने कई इमारतों को आग लगा दी। इसके बाद पुलिस ने फायरिंग की।

रूस के पड़ोसी देश कजाकिस्तान में तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से शुरू आंदोलन अब राजनीतिक हो गया है। बुधवार रात से गुरुवार तक पुलिस फायरिंग में 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यहां के प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति को अपनी सरकार का इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि, अब तक हिंसा में किसी तरह की कमी नहीं देखी गई है। इस बीच, रूस भी एक्टिव हो गया है। व्लादिमिर पुतिन ने यहां अपनी सेना उतार दी है। कजाकिस्तान पूर्व सोवियत संघ का ही हिस्सा है।

पुलिस फायरिंग की वजह क्या
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के अलमाती शहर में हिंसक भीड़ ने सरकारी इमारतों में घुसने और उनमें आग लगाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने भी बल प्रयोग किया। कुछ देर बाद फायरिंग की गई। अब तक 12 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। पुलिस प्रवक्ता साल्तानेत एरबिक ने कहा- देश में कुछ कट्टरपंथी ताकतें हालात का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं। कुछ लोग मारे गए हैं। इनकी पहचान की जा रही है। 1991 के बाद इस तरह के हालात पहली बार पैदा हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने अलमाती शहर के कई हिस्सों में आगजनी की।

मांगें भी साफ नहीं
‘अलजजीरा’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कजाकिस्तान में हिंसा की वजह और आंदोलनकारियों की मांगें भी साफ नहीं हैं। ऐसा लग रहा है कि भीड़ सिर्फ सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना चाहती है। यही वजह है कि पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। अलमाती में भीड़ ने मेयर का घर और ऐतिहासिक प्रेसिडेंशियल पैलेस में भी घुसने की कोशिश की। एयरपोर्ट पर भी बवाल हुआ तो फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। होम मिनिस्ट्री का कहना है कि घटना में 8 पुलिसकर्मी भी मारे गए हैं। 300 से ज्यादा लोग घायल हैं। रूसी सेना को तैनात किया जा रहा है।

बुधवार रात अलमाती के मुख्य चौराहे पर मौजूद प्रदर्शनकारी।

बुधवार रात अलमाती के मुख्य चौराहे पर मौजूद प्रदर्शनकारी।

राष्ट्रपति ने मदद मांगी
प्रेसिडेंट तोकायेव ने कलेक्टिव ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (CSTO) से मदद मांगी है। इसमें रूस, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान शामिल हैं। तोकायेव का आरोप है कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को दूसरे देशों से आर्थिक मदद मिल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कजाकिस्तान में लोग कार फ्यूल के तौर पर एलपीजी का इस्तेमाल करते हैं। ये काफी महंगा हो रहा है।
हिंसा को देखते हुए देश में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। बैंकों में काम बंद कर दिया है। कुछ इंटरनेशनल एयरलाइंस कंपनियों ने फ्लाइट ऑपरेशन रद्द कर दिए हैं। देश में दो हफ्ते के लिए इमरजेंसी लागू की जा चुकी है।

खबरें और भी हैं…



Source