डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले का अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने किया जोरदार समर्थन

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<p style="text-align: justify;">अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने दक्षिण चीन सागर में चीन के लगभग सभी अहम समुद्री दावों को खारिज करने के पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के फैसले को रविवार को बरकरार रखा.</p>
<p style="text-align: justify;">प्रशासन ने चीन को चेतावनी भी दी कि विवादित क्षेत्र में फिलीपीन पर अगर किसी भी तरह का हमला हुआ तो अमेरिका एक पारस्परिक रक्षा संधि के तहत जवाबी कार्रवाई करेगा. विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन की ओर से यह कड़ा संदेश चीन के दावों के खिलाफ फिलिपीन के पक्ष में अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले के इस सप्ताह पांच साल पूरा होने से पहले जारी एक बयान में सामने आया है. हालांकि चीन इस फैसले को खारिज करता है.</p>
<p style="text-align: justify;">पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने न्यायाधिकरण के फैसले के प्रति समर्थन जताया था और यह भी कहा था कि वह चीन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त जलक्षेत्र के बाहर दक्षिण चीन सागर में उसके लगभग सभी समुद्री दावों को अवैध मानता है. रविवार के बयान में, ट्रंप प्रशासन में विदेश मंत्री रहे माइक पोम्पिओ की इन्हीं बातों को दोहराया गया है.</p>
<p><strong>चीन ने जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इधर, चीन ने रविवार को कहा कि वह उइगर समुदाय और अन्य मुस्लिम जातीय अल्पसंख्यकों के साथ दुर्व्यवहार में कथित भूमिका को लेकर चीनी कंपनियों पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने का जवाब देने के लिए "जरूरी उपाय" करेगा. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका का यह कदम "चीनी उद्यमों का अनुचित दमन और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और व्यापार नियमों का गंभीर उल्लंघन" है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चीन "चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए जरूरी उपाय करेगा."</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि चीन ने पूरी जानकारी नहीं दी है,पर उसने अपने सुदूर पश्चिमी क्षेत्र शिनजियांग में उइगर समुदाय को लोगों को मनमाने ढंग से हिरासत में रखे जाने और उनसे जबरन श्रम कराने के आरोपों का खंडन किया है. साथ ही उसने वीजा एवं वित्तीय संबंधों पर अपनी कंपनियों और अधिकारियों के खिलाफ वीसा की पाबंदियों का तेजी से जवाब देना शुरू कर दिया है.</p>



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