डोमिनिका: भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को हाईकोर्ट से जमानत, एंटीगुआ जाकर इलाज कराने की मिली इजाजत

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डिजिटल डेस्क, रोसेउ भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को डोमिनिका की हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। खराब सेहत के आधार पर चोकसी को जमानत मिली है। चोकसी अब एंटीगुआ जाकर इलाज करा सकता है। यह कोर्ट द्वारा दिया गया एक संयुक्त सहमति आदेश है। हाल ही में उसे अवैध एंट्री के लिए डोमिनिका में पकड़ा गया था। 

बता दें कि जून के आखिरी सप्ताह में भी मेहुल चोकसी के मामले में डोमिनिका की कोर्ट में सुनवाई हुई थी। वह पिछली सुनवाई में भी अस्पताल से ही पेश हुआ था। कोर्ट के आदेश के बाद उसे पुलिस कस्टडी से निकालकर जेल की कस्टडी में भेज दिया गया था। हालांकि उसकी तबीयत में सुधार आने तक उसे अस्पताल में ही इलाज कराने की अनुमति मिल गई थी।

चोकसी से जुड़े दो मामलों की सुनवाई डोमिनिकन हाई कोर्ट कर रहा है। पहला मामला उसकी जमानत अर्जी से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला ज्यूडिशियल रिव्यू दाखिल करने की अनुमति का आवेदन है। अब जब तक चोकसी ट्रैवलिंग के लिए फिट नहीं हो जाता तब तक के लिए उसके खिलाफ दोनों मामलों में कानूनी कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। 

डोमिनिका हाईकोर्ट में इस मामले को जस्टिस बर्नी स्टीफेंसन ने हेड किया। जस्टिस स्टीफेंसन ने कहा कि मेहुल चोकसी को मेडिकल केयर के लिए एंटीगुआ जाने की अनुमति दी जा रही है। हालांकि अवैध रूप से देश में प्रवेश करने के लिए चल रहे मामले में पेश होने के लिए चोकसी को डोमिनिका लौटना होगा। चोकसी को 10,000 ईसी (पूर्वी कैरेबियाई डॉलर) की जमानत राशि जमा करने को कहा गया है। मेहुल चोकसी राजधानी रोसेउ में डोमिनिका-चाइना फ्रेंडशिप अस्पताल में अपने वार्ड से वर्चुअली हाईकोर्ट के समक्ष पेश हुआ।

मेहुल चोकसी की कानूनी टीम का नेतृत्व त्रिनिदाद के एक वरिष्ठ वकील डगलस मेंडेस ने किया। चोकसी की कानूनी टीम के अन्य वकीलों में जेना मूर डायर, जूलियन प्रीवोस्ट, जीना डायर मुनरो, वेन नोर्डे और कारा शिलिंगफोर्ड मार्श शामिल हैं। मेहुल चोकसी की जमानत अर्जी के मामले में डोमिनिका राज्य का प्रतिनिधित्व लेनोक्स लॉरेंस और जोडी ल्यूक ने किया। वहीं, ज्यूडिशियल रिल्यू मामले में लॉरेंस, ल्यूक और वरिष्ठ वकील एंथोनी अस्टाफन ने राज्य की ओर से तर्क दिया।

बता दें कि मेहुल चोकसी पर अपने भतीजे नीरव मोदी के साथ पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है, जिसमें लेटर ऑफ अंडरटेकिंग का इस्तेमाल कर पैसों की हेराफेरी की गई है। चोकसी जनवरी 2018 में विदेश भाग गया था। बाद में पता चला कि उसने एंटीगुआ-बारबुडा की नागरिकता ले ली है। पीएनबी घोटाले की जांच कर रही है केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय चोकसी के प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटी हैं। 

भारत की सरकार ने डोमिनिकन सरकार से भगोड़े हीरा व्यापारी को भारत को सौंपने के लिए कहा, ताकि पीएनबी घोटाले में अपनी भूमिका के लिए चोकसी भारत में कानून का सामना कर सके। वहीं एंटीगुआ के पीएम भी स्पष्ट रूप से कह चुके है कि उनकी सरकार चोकसी की नागरिकता रद्द करने और भारत में उसके प्रत्यर्पण को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ है। मेहुल चोकसी 23 मई को एंटीगुआ से अचानक गायब हो गया था। इसके बाद से एजेंसियां ​​उसकी तलाश में थीं। इसके बाद चोकसी को 25 मई को डोमेनिका में पकड़ा गया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मेहुल चोकसी क्यूबा भागने की फिराक में था। 

CNN-News18 से बातचीत में डोमिनिका पुलिस ने कहा था कि चोकसी को नॉर्थ डोमिनिका के ऐसे इलाके से पकड़ा गया है जहां एक भी एयरपोर्ट नहीं है। माना जा रहा है कि उसने नाव के सहारे ही डोमिनिका में एंट्री ली थी। स्थानीय पुलिस ने बताया कि चोकसी को डोमिनिका की राजधानी रोज के कैनफील्ड बीच पर देखा गया था। उस दौरान वह बीच में कुछ दस्तावेजों को बहा रहा था। उसकी इस संदिग्ध गतिविधियों को देखकर पुलिस को शक हुआ और उसने पूछताछ की। जब पुलिस वालों ने मेहुल चोकसी से डोमिनिका आने का मकसद पूछा तो वह हक्का-बक्का रह गया और उसने जवाब देने से इनकार कर दिया। 



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