भास्कर एक्सप्लेनर: जानिए, क्यों एक साथ बंद हो गई थीं दुनियाभर की हजारों निजी और सरकारी वेबसाइट्स

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एक घंटा पहले

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विशेषज्ञों का अनुमान है कि करीब एक घंटे तक वेबसाइट्स बंद रहने की वजह से करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ होगा।

8 जून, यानी मंगलवार को इंटरनेट की दुनिया में अचानक भूचाल आ गया, क्योंकि दुनियाभर की कई निजी और सरकारी वेबसाइट्स ने काम करना बंद कर दिया था। इनके अलावा हजारों लोकप्रिय शॉपिंग वेबसाइट भी थम गई थीं। इन्हें ठीक होने में करीब एक घंटा लग गया, तब तक तो दुनिया में घबराहट फैल चुकी थी। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ, क्या आगे भी ऐसा हो सकता है और इसके खतरे क्या हैं-

  • इसकी शुरुआत कैसे और कहां से हुई?

एक रिपोर्ट के मुताबिक इसकी शुरुआत ब्रिटेन से हुई। वहां सुबह करीब 11 बजे से यूजर्स को दिक्कतें आनी शुरू हो गईं। अमेरिका और भारत में भी हजारों यूजर्स ने कई वेबसाइटों के काम न करने की शिकायत की। जब वेबसाइट्स पर एरर 503, सर्विस अनअवैलेबल और कनेक्शन फेल जैसे संदेश दिखने शुरू हुए, तब पता चला कि इसका असर दुनिया भर में पड़ा है।

  • इतनी बड़ी रुकावट किस वजह से हुई?

आमतौर पर ऐसा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर की गड़बड़ी से होता है। यहां अमेरिका की क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर फास्टली में दिक्कत के कारण ऐसा हुआ। फास्टली ने इसकी पुष्टि भी की है। यह वेबसाइट का कुछ डेटा सर्वर पर सेव करती है, ताकि उसकी स्पीड कम ना हो। कंपनी ने कहा है कि गड़बड़ी ठीक कर ली गई। पर यह नहीं बताया कि आखिर हुआ क्या था।

  • फास्टली ऐसा क्या करती है?

फास्टली जैसी कई कंपनियां हैं, जिन पर इंटरनेट का पूरा ढांचा टिका हुआ है। इसके दुनिया के कई हिस्सों में सर्वर और डेटा सेंटर हैं। यहां इसकी ग्राहक वेबसाइट्स का डेटा जमा होता है। कोई ग्राहक वेबसाइट पर जाता है, तो उसे डेटा सेंटर में रखे असली डेटा की नकल नजर आती है। इससे असली सर्वर पर बोझ नहीं पड़ता और स्पीड तेज रहती है। करीब 75% वेबसाइट्स इसकी ग्राहक हैं।

  • इस घटना से आर्थिक नुकसान भी हुआ?

बिल्कुल। इंटरनेट का कुछ मिनट के लिए रुक जाना ही अर्थव्यवस्था को हिला देता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि करीब एक घंटे तक वेबसाइट्स बंद रहने की वजह से करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ होगा। हालांकि इसका सटीक अनुमान पता करने में वक्त लग सकता है।

  • क्या पहले भी ऐसा हुआ है?

बिल्कुल, वेबसाइट्स का अचानक बंद हो जाना नई बात नहीं है। 2017 अमेजन की क्लाउड सर्विस एडब्ल्यूएस में गड़बड़ी हुई थी तो वेबसाइट घंटों तक बंद रही थी। दिसंबर 2020 में गूगल की सेवाओं पर असर पड़ा था। इसी साल जनवरी में बिजनेस मैसेजिंग ऐप स्लैक की सेवाएं प्रभावित हुई थीं।

  • यानी, आगे भी ऐसा होने का खतरा रहेगा?

बिल्कुल। विशेषज्ञों के मुताबिक यह आखिरी बार नहीं था। केंटिक के डग मैडरी कहते हैं, ‘कंपनियां कितनी भी कोशिश कर लें, ऐसी गड़बड़ियां होती रहेंगी।’

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