पाकिस्तान से अफगानिस्तान पहुंची पहली कमर्शियल फ्लाइट: काबुल एयरपोर्ट पर उतरे PIA के प्लेन में सवार थे सिर्फ 10 लोग; एयरलाइंस स्टाफ की संख्या यात्रियों से ज्यादा थी

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काबुल11 मिनट पहले

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अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे को करीब एक महीने हो चुके हैं। 15 अगस्त 2021 के तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान पर कब्जे का एलान किया था। अब एक महीना बीतने के बाद अफगानिस्तान में पहली कमर्शियल फ्लाइट लैंड हुई है।

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का एक प्लेन सोमवार को हामिद करजई (काबुल) इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। AFP के एक पत्रकार ने भी इस फ्लाइट में सवारी की। उन्होंने बताया कि फ्लाइट में सिर्फ 10 ही यात्री सवार थे। इसमें यात्रियों से ज्यादा स्टाफ की संख्या थी।

तस्वीर पाकिस्तान से टैकऑफ करने से पहले PIA के कमर्शियल प्लेन की है।

तस्वीर पाकिस्तान से टैकऑफ करने से पहले PIA के कमर्शियल प्लेन की है।

PIA के एक प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन अफगानिस्तान के लिए नियमित कमर्शियल फ्लाइट शुरू करना चाहती है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि इस्लामाबाद से काबुल के बीच हफ्ते में कितनी उड़ानें संचालित की जाएंगी।

31 अगस्त तक अमेरिका के नियंत्रण में रहा काबुल एयरपोर्ट
15 अगस्त तक पूरे अफगानिस्तान में कब्जे के बाद भी काबुल एयरपोर्ट 31 अगस्त तक अमेरिकी सैनिकों के नियंत्रण में रहा। यहां से 1 लाख से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर अलग-अलग देशों में भेजा गया। ऑपरेशन के दौरान एयरपोर्ट पर लाखों लोग मौजूद थे।

रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म होने के बाद एयरपोर्ट का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसे कतर और दूसरे देशों की मदद से तालिबान ने रिपेयर कर लिया है। पिछले सप्ताह कतर एयरवेज के कई चार्टर प्लेन काबुल एयरपोर्ट पहुंचे थे। इन प्लेन्स से उन लोगों को अफगानिस्तान से निकाला गया था, जो रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान छूट गए थे।

15 अगस्त के बाद अफगानिस्तान में सभी कमर्शियल फ्लाइट कंपनियों ने ऑपरेट करना बंद कर दिया।

15 अगस्त के बाद अफगानिस्तान में सभी कमर्शियल फ्लाइट कंपनियों ने ऑपरेट करना बंद कर दिया।

काबुल में लौटेगी वर्दी वाली अफगानी पुलिस
काबुल में अफगानी पुलिस की वापसी होने जा रही है। तालिबान ने तय किया है कि काबुल में तैनात बिना वर्दी वाली तालिबानी फोर्स को प्रांतों में भेजा जाएगा और यहां वर्दी पहने अफगानी पुलिस को तैनात किया जाएगा। यह अफगान पुलिस वही होगी, जो पिछली सरकार के समय तैनात हुआ करती थी। इसके साथ अब तालिबानी फोर्स और पुलिस की वर्दी एक जैसी होगी।

तालिबान के सांस्कृतिक कमीशन के सदस्य ने अनाममुल्लाह समनगनी ने बताया कि मौजूदा तालिबानी फोर्स जिसके पास वर्दी नहीं है, उसे काबुल से ट्रांसफर करके प्रांतों में मिलिट्री पोस्ट पर भेजा जाएगा।

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